गांव वालों के अनुसार, तीनों बच्चे साये की तरह साथ रहते थे। स्कूल जाना हो या खेलना, उनकी अटूट दोस्ती पूरे गांव में चर्चा का विषय थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि खेल-खेल में तालाब का पानी उनके जीवन का आखिरी सफर बन जाएगा। सोमवार को भी वे अन्य बच्चों के साथ घर से निकले थे।
मां ने कहा था, तालाब में नहाने मत जाना
आदित्य, भोला की मौसी का बेटा था। दोनों के घर आमने-सामने हैं। दोनों साथ पढ़ते और साथ खेलते थे। सोमवार को आदित्य अपनी मां पूजा से भोला के साथ मंदिर में खेलने जाने की बात कहकर निकला था। मां ने उसे जल्दी लौटने और तालाब में न नहाने की हिदायत दी थी। कुछ घंटे बाद उसी तालाब से उसके डूबने की खबर आई।
दरोगा बनना चाहता था प्रबल
प्रबल के पिता घनश्याम यादव खेती करते हैं। परिवार के पास करीब दो बीघा जमीन बताई गई है। बड़े भाई निशांत ने बताया कि प्रबल पढ़ाई में अच्छा था और बड़ा होकर दरोगा बनना चाहता था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता की हालत बिगड़ गई।
जिस बाजार में सब्जी बेचता था, वहीं पास हुआ हादसा
रामजानकी मंदिर के पास सोमवार को गांव की बाजार लगती है। भोला दादी के साथ इसी बाजार में खेत की सब्जी बेचने में मदद करता था। इसी मंदिर के पास स्थित कलार तालाब में डूबने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद बाजार और गांव दोनों जगह सन्नाटा पसर गया।
चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता
एसडीएम करणवीर सिंह ने बताया कि तीनों मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि तालाब और आसपास की स्थिति की जानकारी भी ली जा रही है।
दादी के सहारे था भोला, बाजार में बेचता था सब्जी
भोला उर्फ सुमित के माता-पिता कानपुर के पास ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। वह गांव में दादी यशोदा के साथ रहता था। पिता सीताराम कुशवाहा ने बताया कि भोला पढ़ाई में अच्छा था और स्वभाव से सीधा था। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति में वह दादी के साथ खेत में लगी सब्जी गांव की सोमवार बाजार में बेचने में भी मदद करता था।
ग्राम पंचायत का है कलार तालाब
ग्रामीणों के अनुसार रामजानकी मंदिर के पास स्थित कलार तालाब ग्राम पंचायत का है। तालाब में गहरे गड्ढे बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तालाब के पास चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा इंतजाम न होने पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद यह हादसा टल सकता था।
ये है पूरा मामला
मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खंडेह गांव में सोमवार को तालाब में नहाने गए प्रबल (11), आदित्य (8) और सुमित उर्फ भोला (10) की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तालाब में मिट्टी खनन से बने गहरे गड्ढों में बच्चों के डूबने से हादसा हुआ। एक साथ तीन बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा है।