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Hamirpur: समय से पूर्व रिहा सामूहिक हत्याकांड के दोषी को फिर जेल, पूर्व के आदेश निरस्त किए गए

Wed, 24 Jul 2024 10:14 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर

सार

समय से पूर्व रिहा हुए पांच लोगों की हत्या में शामिल दोषी को फिर जेल भेजा गया है। यही नहीं पूर्व के आदेश भी निरस्त कर दिए गए हैं।
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दोषी को न्यायालय से जेल ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समय पूर्व रिहा किए गए सामूहिक हत्याकांड के दोषी को अदालत ने फिर जेल भेज दिया। बीती 19 मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने हाईकोर्ट के आदेश पर समय से पूर्व रिहाई के आदेश दिए थे। वादी पक्ष के अनुसार पुनरीक्षण प्रार्थना पत्र के आधार पर अदालत ने पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया है। वहीं दोषी के अधिवक्ता के अनुसार आदेश की कॉपी मिलने पर उच्च न्यायालय जाएंगे।
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शहर के सुभाष बाजार में 26 जनवरी 1997 की शाम हुए गोलीकांड में पांच लोग राकेश शुक्ला, उनके भाई राजेश शुक्ला, बेटे अंबुज उर्फ गुड्डा, निजी सुरक्षाकर्मी वेदनायक व श्रीकांत पांडे की मौत हो गई थी। मृतक राकेश शुक्ला के भाई राजीव शुक्ला ने मामले में पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल सहित 12 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। इसमें खालेपुरा मोहल्ला निवासी अशोक चंदेल का चालक रुक्कू भी शामिल रहा। उसने वर्ष 2003 में कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद सत्र न्यायाधीश ने 12 अप्रैल 2017 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। 30 नवंबर 2019 को प्रशासनिक आधार पर रुक्कू को केंद्रीय कारागार बरेली भेजा गया।

यहां के वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने रुक्कू के जेल में 20 वर्ष से अधिक निरुद्ध रहने पर समय से पूर्व रिहाई के आवेदन शासन को भेज दिए थे। आवेदन एक वर्ष से अधिक समय से लंबित पड़ा रहा। वहीं उसके परिजनों ने हाईकोर्ट में अपील कर उचित जमानत पर रिहाई की मांग की। इस पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत को दिशानिर्देश दिया। इसमें कहा कि यदि आजीवन कारावास से दंडित किसी बंदी की समय पूर्व रिहाई की अनुशंसा संबंधित जेल अधीक्षक द्वारा की गई हो और छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी समय पूर्व रिहाई के आवेदन पर कोई निर्णय न लिया गया हो।

 

ऐसी दशा में विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऐसे बंदियों को उचित जमानत/ बंधपत्र पर रिहा करेंगे। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निहारिका जायसवाल ने सशर्त रिहाई के आदेश 19 मार्च 2024 को दिए। इसके बाद वादी द्वारा मामले में आठ अप्रैल को अंब्रीश बनाम उत्तर प्रदेश सरकार की रुलिंग के तहत इसे गलत बता पुनरीक्षण करने की मांग की गई।

 
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इसे तीन जून 2024 को खारिज कर दिया गया। वादी द्वारा जनपद न्यायाधीश के समक्ष रिवीजन डाला। जो लंबित है और इस पर सात अगस्त की तिथि लगी है। वहीं वादी राजीव शुक्ला ने बताया कि उनके द्वारा पुन: सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया है। इस पर सीजेएम ने दोषी रुक्कू को हिरासत में लेकर फिर जेल भेजने का आदेश दिया। साथ ही पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया।
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