कई दिनों से चल रहे थे परेशान
सहायक अध्यापक रविंद्र कुमार ने बताया कि स्कूल में खुदकुशी करने वाले प्रधानाध्यापक सुग्रीव काफी दिनों से मानसिक रूप से परेशान थे। घर की समस्याओं को साझा करते हुए कह रहे थे कि ऐसा लगता है कि आत्महत्या कर लूं।
मोबाइल की घंटी बजती रही, नहीं उठा फोन
स्कूल में खुदकुशी करने वाले प्रधानाध्यापक के इकलौते पुत्र भानुप्रताप ने बताया कि वह चार बहनों में सबसे छोटा है। सभी बहनों की शादी हो चुकी हैं। प्रतिदिन की भांति पिता मंगलवार को बाइक से स्कूल गए थे। देर शाम तक घर वापस न लौटेने पर चिंता होने लगी। उनके फोन पर बराबर घंटी जाती रही, लेकिन रिसीव नहीं हुआ।
जमीन पर पड़ा मिला था शव
इसके बाद वह उन्हें ढूंढने उपरहंका गांव गया। जानकारी मिली कि वह स्कूल की छुट्टी के बाद बाइक से घर निकल गए थे। इसकी मौखिक सूचना मुस्करा पुलिस को देकर उनके मोबाइल की लोकेशन जानने की गुहार लगाई। बुधवार सुबह स्कूल का सफाईकर्मी व स्टाफ वहां पहुंचे, तो शव जमीन पर पड़ा मिला।
ग्रामीणों के अनुसार मृतक चार भाई थे। छोटे भाई खलक सिंह ने छह वर्ष पूर्व फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। वह भी गुंदेला प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक पद पर तैनात थे। सीओ राठ एएन सिंह ने कहा कि घटना की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सहायक अध्यापक रविंद्र कुमार व शिक्षामित्र बलवान सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने उनसे घरेलू बातें साझा की थीं। बताया था कि तीसरे नंबर की पुत्री ने घर से भागकर समलैंगिक विवाह किया था। कुछ दिनों बाद उसकी पार्टनर अपने घर लौट गई।
प्रधानाध्यापक ने लोक लाज के भय से बेटी को घर नहीं आने दिया। वह कानपुर में रहने लगी और पिता उसका खर्च उठाने लगे। बेटी द्वारा जरूरत से ज्यादा पैसों की मांग ने उन्हें परेशान कर दिया था। पैसा न देने पर बेटी घर आने की बात कहती थी।