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हमीरपुर: जिला कारागार में बंदी की मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप

Wed, 23 Mar 2022 10:54 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
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मृतक बहादुर विश्वकर्मा की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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हमीरपुर जिले में अवैध असलहा फैक्टरी चलाने के मामले में जेल में बंद बहादुर विश्वकर्मा की बुधवार को मौत हो गई। मृतक 15 मार्च से जेल में था। परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी का जेल के अस्पताल में इलाज चल रहा था।
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हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया है। राठ कोतवाली क्षेत्र के सरसई गांव निवासी मृतक के भतीजे संतोष ने बताया कि चाचा बहादुर विश्वकर्मा (45) शादी समारोह के लिए मंडप बनाने का काम करते थे। चाची दयावती सिलबट्टा टांकने का काम करती हैं। किसी ने पुलिस को गलत सूचना दी कि चाचा अवैध हथियार बनाते हैं।

12 मार्च को पुलिस ने चाचा व उनके भाई गंगादीन को पकड़ा था। पैसा देकर एक भाई को छुड़ाया था, लेकिन चाची के पैसा दे पाने में असमर्थता जताने पर 15 मार्च को पुलिस ने फर्जी तरीके से चाचा को जेल भेजा था। चाचा को तीन दिन तक कोतवाली में बिना किसी कार्रवाई के प्रताड़ित करते रहे।

बहादुर के दो बेटे हैं। पत्नी और दोनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है। जेल अधीक्षक एके गौतम ने बताया कि 20 मार्च को बंदी की अचानक पेशाब रुक गई थी। उसका पथरी का ऑपरेशन हो चुका है।
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जेल अस्पताल में डॉ. सच्चिदानंद उसका इलाज कर रहे थे। तीन दिन तक जेल अस्पताल में इलाज चलता रहा। सुधार न होने पर बुधवार को सदर अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने बहादुर को मृत घोषित कर दिया है।

डॉ. आरटी बनर्जी, डॉ. अमित कुमार व डॉ. नरेंद्र ने शव का पोस्टमार्टम कर विसरा सुरक्षित रखा है। अपर एसपी अनूप कुमार ने कहा कि अगर परिजन पुलिस पर किसी प्रकार का आरोप लगा रहे हैं, तो उसकी जांच कराएंगे।
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