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हमीरपुर पुल हादसा: भ्रष्टाचार या आंधी का वार? 'सेतु निगम' पर भी सवाल, निर्माण कंपनी पर FIR; जानें टाइमलाइन

Sat, 30 May 2026 06:52 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर

सार

Hamirpur Bridge Collapse News: बेतवा नदी पर 92 करोड़ की लागत से बन रहे पुल का सेगमेंटल स्पैन गिरने से हुई छह मजदूरों की मौत ने निर्माण प्रक्रिया में बरती गई लापरवाही की पोल खोल दी है। शुरुआती तौर पर इसे आंधी-तूफान का परिणाम बताने वाली कार्यदायी संस्था और विभाग अब जांच के दायरे में हैं।
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Hamirpur Bridge Collapse Accident - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का सेगमेंटल स्पैन गिरने से छह मजदूरों की मौत के बाद निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन भले ही अभी तक गुणवत्ता में कमी का कोई स्पष्ट तथ्य सामने न आने की बात कह रहा हो, लेकिन हादसे ने पूरी निर्माण प्रक्रिया को जांच के दायरे में ला दिया है।

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कुरारा-काशीर-परसनी मार्ग पर बेतवा नदी में करीब 92 करोड़ से पुल का निर्माण हो रहा है। हादसे में पुल का निर्माणाधीन हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि निर्माणाधीन सेगमेंट का एक भाग ढहा है। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता में कमी की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन घटना के कारणों की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग समिति गठित कर दी गई है।

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पुल और पिलर में कंपन महसूस हो रहा था।

वहीं हादसे में सुरक्षित बचे मजदूरों ने बताया कि तेज आंधी के दौरान पुल और पिलर में कंपन महसूस हो रहा था। कुछ ही देर बाद निर्माणाधीन हिस्सा भरभराकर गिर गया। मजदूरों के इन बयानों के बाद तकनीकी खामियों और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Hamirpur Bridge Collapse Accident - फोटो : amar ujala
लापरवाही सामने आती है, तो कार्रवाई की जाएगी
उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक धर्मवीर सिंह ने भी हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी इंजीनियर या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो कार्रवाई की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह हादसा केवल तेज आंधी का परिणाम था या निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन में हुई चूक से यह हुआ।

प्रथम दृष्टया हादसा तेज आंधी और तूफान के दौरान हुआ है। निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था के माध्यम से कराया जा रहा था और पूरे मामले की जांच की जा रही है।  -दिलीप कुमार, उप परियोजना प्रबंधक उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निर्माण निगम

Hamirpur Bridge Collapse Accident - फोटो : amar ujala
उठ रहे सवाल
  • निर्माणाधीन सेगमेंट की अंतिम तकनीकी जांच कब हुई थी।
  • क्या गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट निर्धारित मानकों के अनुरूप थी।
  • हादसे के समय साइट पर कौन-कौन जिम्मेदार इंजीनियर मौजूद थी।
  • क्या निर्माणाधीन हिस्से पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा था।
  • मजदूरों द्वारा पिलर हिलने की बात कहे जाने की जांच कैसे होगी।
  • यदि गुणवत्ता में कमी नहीं थी तो निर्माणाधीन हिस्सा क्यों ढहा।
  • निर्माण एजेंसी और निगरानी कर रहे अधिकारियों की जवाबदेही कैसे तय होगी।

बेतवा पुल हादसे में कंपनी, मालिक और सुपरवाइजर पर प्राथमिकी
बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे में छह मजदूरों की मौत के बाद जिम्मेदारों की लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआती तौर पर हादसे को तेज आंधी का परिणाम बताया गया था लेकिन देर शाम कुरारा थाने में निर्माण कार्य करा रही कंपनी, उसके मालिक और सुपरवाइजर के खिलाफ लापरवाही की प्राथमिकी दर्ज की गई।

Hamirpur Bridge Collapse Accident - फोटो : amar ujala
मामले में लापरवाही की बात सामने आने लगी
बृहस्पतिवार रात तेज आंधी के दौरान निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया था। हादसे के बाद राज्य सेतु निगम के सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी ने कहा था कि आंधी के कारण स्लैब के कसाव कार्य पर असर पड़ा, जिससे निर्माणाधीन हिस्सा ढह गया। हालांकि बाद में मामले में लापरवाही की बात सामने आने लगी।

सेतु निगम की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर
सेतु निगम के उप परियोजना अधिकारी दिलीप कुमार की ओर से कुरारा थाने में निर्माण कार्य कर रही कंपनी मेसर्स द सेल्टर, उसके मालिक विजय प्रताप सिंह निवासी कानपुर और सुपरवाइजर नीतीश सचान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

Hamirpur Bridge Collapse Accident - फोटो : amar ujala
बियरिंग कसाव का काम बेहद जोखिम भरा होता है
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीते तीन दिन से एक जिम्मेदार अधिकारी निर्माण स्थल पर नहीं पहुंचा था और पूरा कार्य मजदूरों के भरोसे चल रहा था। लोगों का कहना है कि बियरिंग कसाव का काम बेहद जोखिम भरा होता है, इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। थाना प्रभारी प्रिंस दीक्षित ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

बेतवा निर्माणाधीन पुल हादसे की टाइमलाइन
  • मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से तेज आंधी-तूफान का अलर्ट शाम 7:00 से 8:00 बजे के बीच।
  • निर्माणाधीन पुल पर कार्य जारी रहा 29 मई 2026 रात 12:05 बजे तक।
  • मजदूरों के अनुसार तेज हवा का पहला झोंका आया। रात 12 बजे।
  • आंधी तेज होने पर मजदूरों ने पुल व पिलर हिलते महसूस किए रात करीब 12:10 बजे।
  • निर्माणाधीन सेगमेंटल स्पान का हिस्सा अचानक गिरा रात्रि 12:20 बजे।
  • पीआरवी/112 को हादसे की सूचना दी गई रात करीब 12:30 बजे।
  • घटना स्थाल से पहुंचे एक श्रमिक ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को सूचना दी 12:45 बजे।
  • सीओ सदर और एसडीएम सदर पहुंचे रात्रि 2 बजे।
  • प्रशासन को जानकारी मिली रात 2:27 बजे।
  • एसडीआरएफ कंट्रोल रूम को हादसे की सूचना प्राप्त हुई सुबह 2:30 बजे।
  • फायरबिग्रेड पहुंची सुबह 2:30 बजे।
  • एसडीआरएफ की पहली टीम घटनास्थल पहुंची सुबह 5:30 बजे।
  • रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ सुबह लगभग 6 बजे।
  • पुल के ऊपरी हिस्से में फंसे तीनों मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया सुबह 8 बजे।
  • सदर विधायक घटनास्थल पहुंचे सुबह 8:20 बजे तक।
  • डीएम अभिषेक गोयल और एसपी मृगांग शेखर पाठक घटनास्थल पहुंचे सुबह 8:34 बजे।
  • मलबे से छह मजदूरों के शव बरामद किए गए दोपहर करीब 9 बजे।
  • एसडीआरएफ जालौन इकाई की दूसरी टीम घटनास्थल पहुंची सुबह 9:30 बजे।
  • भाजपा जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद और भाजपा नगर अध्यक्ष कुलदीप निषाद घटनास्थल पहुंचे सुबह 10:15 बजे।
  • एसडीआरएफ सेनानायक/कमांडेंट श्याम नारायण सिंह घटनास्थल पहुंचे सुबह 10:40 बजे।
  • एडीएम राकेश कुमार घटना स्थल पर पहुंचे सुबह 9 बजे।
  • वरिष्ठ अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की शाम 4:00 बजे।
  • एसडीआरएफ का रेस्क्यू एवं सर्च ऑपरेशन समाप्त शाम 4:00 बजे।
  • राज्य सेतु निर्माण निगम के उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार ने थाना कुरारा में तहरीर दी रात्रि करीब 9:00 बजे।
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Hamirpur Bridge Collapse Accident - फोटो : amar ujala
इन्होंने किया निरीक्षण
  • पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता एके रावत ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
  • पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता अरुण कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे।
  • प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
  • उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निर्माण निगम/ब्रिज कॉर्पोरेशन के सचिव धर्मवीर सिंह घटनास्थल पहुंचे।
  • एडीजी प्रयागराज जोन ज्योति नारायण घटनास्थल पहुंचे।
  • डीआईजी चित्रकूटधाम परिक्षेत्र राजेश एस. घटनास्थल पहुंचे।
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