विधायक के अदालत परिसर पहुंचते ही समर्थकों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक के साथ समर्थकों की भीड़ भी परिसर में पहुंच गई। यहां सबसे पहले नसीम खां, इसके बाद भानसिंह ने कोर्ट नंबर दो में आत्मसमर्पण किया। जबकि उत्तम सिंह, प्रदीप सिंह व साहब सिंह को कोतवाल केपी सिंह ने यमुना पुल के पास गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल ने बताया तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के बाद कोतवाली ले जाया गया। जहां दाखिला करने के बाद जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया और फिर तीनों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
विधायक के सरेंडर करने की सूचना पर उनके समर्थकों की भीड़ मुख्यालय में एकत्र हुई। जिसके चलते समर्थकों ने तहसील तिराहा व पोस्टमार्टम हाउस में लगे बैरियर पर हंगामा कर हुजूम बनाकर चलने से निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया। मामले में कोतवाल केपी सिंह ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज करा करीब तीन सौ लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है।