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एक तरफ थी परिवार की जिद दूसरी ओर थे संजोए हुए सपने, गवारा न हुई उनकी बात तो बेटी ने मौत को चुना

Mon, 13 May 2019 10:38 PM IST
प्रशांत कुमार क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक फोटो
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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ जैसे तमाम जागरुकता अभियान एक बार फिर नाकाफी साबित हुए हैं। पढ़ाई पूरी कर नौकरी की चाह रखने वाली एक बेटी ने शादी के दबाव के चलते जान दे दी।

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कानपुर में नौबस्ता के आनंद विहार की रहने वाली 19 साल की यह बेटी एएनएम (नर्सिंग) का कोर्स कर रही थी। कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी करने के सपने संजोए थी लेकिन परिजनों के दबाव के चलते उसने अपना और अपने सपनों का गला घोंट लिया। 

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आनंद विहार में रहने वाले ड्राइवर सोनेलाल साहू की बेटी ज्योति (19) ने पिछले साल इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी पास से की थी। वह एक निजी संस्थान से एएनएम कर रही थी। पढ़ाई पूरी होने से पहले ही परिजन उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। उसके लिए लड़का भी देखने गए थे। भाई जीतू ने बताया कि ज्योति इसी बात से नाराज थी। सोमवार सुबह मां बाजार गई थी। वह और पिता अपने-अपने काम पर चले गए थे।

इसी दौरान ज्योति ने मौका पाकर घर में टीन शेड के एंगल के सहारे दुपट्टे से फांसी लगा ली। दरवाजा नहीं खुला तो घर पहुंची मां ने उसे फोन करके बुलाया। उसने पड़ोसी के घर से अपने घर में झांककर देखा, तो ज्योति फांसी पर लटक रही थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतरवाया। थाना प्रभारी समर बहादुर के मुताबिक शादी के दबाव के चलते ही जान देने की बात सामने आ रही है।
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