बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ जैसे तमाम जागरुकता अभियान एक बार फिर नाकाफी साबित हुए हैं। पढ़ाई पूरी कर नौकरी की चाह रखने वाली एक बेटी ने शादी के दबाव के चलते जान दे दी।
कानपुर में नौबस्ता के आनंद विहार की रहने वाली 19 साल की यह बेटी एएनएम (नर्सिंग) का कोर्स कर रही थी। कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी करने के सपने संजोए थी लेकिन परिजनों के दबाव के चलते उसने अपना और अपने सपनों का गला घोंट लिया।