कानपुर। हैलट में पैथोलॉजिकल जांचें अब विश्व स्तरीय होंगी। खून, यूरिन आदि की विभिन्न जांचों में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी। इसके लिए राष्ट्रीय परीक्षण अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) के मानकों का पालन किया जा रहा है। छह महीने के आंकड़े इकट्ठे होने के बाद बोर्ड में सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया जाएगा।
पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. लुबना खान ने बताया कि लैब में प्रोटोकॉल का मानक का पालन कराने के लिए एक क्वालिटी मैनेजर की नियुक्ति की गई है। सारी जांचों में मानकों का पालन कराया जा रहा है। टेस्ट में कंट्रोल लगाए जाते हैं। लैब में वाली जांचों का छह महीने का डाटा इकट्ठा किया जाएगा। लैब में अत्याधुनिक मशीनें आई हैं। इनसे जांच करने के लिए खास रीजेंट का इस्तेमाल किया जाएगा। आगे जांचों के लिए रीजेंट के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि सर्टिफिकेट मिलने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेजों के पैथोलॉजी विभाग में एनएबीएल मानकों का पालन करने वाली यह पहली लैब होगी। भविष्य में दूसरी जांचों की एडवांस मशीनें मंगाई जाएंगी।