कानपुर। दिल्ली धमाके के बाद शहर में संदिग्धों और डॉ. शाहीन से संबंध रखने वालों की जांच जारी है। जांच में डाॅ. शाहीन से संबंधित एनजीओ से जुड़े लोगों के आधा दर्जन बैंक खाते (फर्जी) म्यूल मिले हैं। आशंका है कि इनका इस्तेमाल रकम को चोरी छिपे खपाने में इस्तेमाल किया जा रहा था।
एजेंसियों को डॉ. शाहीन और एनजीओ के खातों की जांच के दौरान कुछ खास बैंक खातों से लेनदेन होने का पता चला था। इन खातों की जांच शुरू हुई तो इनमें से कुछ खाते यूपी, फरीदाबाद आदि की किशोरियों और दिहाड़ी मजदूरों के निकले। खाताधारकों तक पहुंची जांच टीमों ने जब उनसे पूछताछ की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। खाताधारकों ने बताया कि उन्हें हर माह एक तय रकम देने की बात कहकर खाते खुलवाए गए थे। इन खातों में कब और कितनी धनराशि आई। उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि इन लोगों ने रुपये मिलने की बात स्वीकारी है। ऐसे में जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि बाहर से आए रुपयों को ऐसे खातों के माध्यम से निकालकर इस्तेमाल किया गया है। इन खातों में आईं धनराशि के श्रोतों का भी पता लगाया जा रहा है।
गम्मू खां हाते के आसपास संदिग्धों से की पूछताछ
कानपुर। जांच एजेंसियों ने रविवार को गम्मू खां हाते के आसपास इलाके में पूछताछ की। इस इलाके में कई कश्मीरी रह रहे हैं। जो मेवा, गर्म कपड़े आदि बेचने के सिलसिले में शहर आए हैं। इन कश्मीरी मूल के लोगों से उनकी पहचान के दस्तावेज लेकर उनका सत्यापन कराया जा रहा है। सोमवार को दो संदिग्ध मिले हैं, इनसे पूछताछ की गई है। कई लोगों ने रुपये के लालच में बिना सत्यापन किरायेदार रख लिए थे जो अब कहीं चले गए हैं। उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। (संवाद)