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Kanpur News: बेहोशी की हालत में विनीत पहुंचे थे निजी अस्पताल

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कानपुर। हेयर ट्रांसप्लांट कराने के बाद बेहोशी और शॉक की हालत में इंजीनियर विनीत दुबे सर्वोदयनगर स्थित अस्पताल पहुंचे थे। एनाफिलैक्टिक शॉक से इंजीनियर विनीत दुबे की हालत गंभीर हो गई। यह ऐसी जानलेवा एलर्जी प्रक्रिया को कहते हैं जो किसी केमिकल की वजह से होती है। अस्पताल ने जांच कमेटी को इलाज का जो संक्षिप्त ब्योरा दिया है, उसमें बताया गया है कि रोगी का ब्लड प्रेशर गिरता गया। हालत इतनी गंभीर रही है कि इलाज की सारी प्रक्रिया अपनाने के बाद संभल नहीं सकी और बाद में मौत हो गई।
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विनीत दुबे के इलाज की इस संक्षिप्त रिपोर्ट डायग्नोसिस सेप्टिक और एनाफिलैक्टिक शॉक बताया गया है। विनीत को काकादेव स्थित एक निजी अस्पताल से सर्वोदयनगर के अस्पताल रेफर किया गया था। उन्हें सांस में दिक्कत थी और शरीर में आक्सीजन लेवल घट रहा था। शरीर मल्टी आर्गन फेल्योर की स्थिति में रहा है। जब उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया तो हार्ट रेट 136 रहा है। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर गिर रहा था। बाद में कार्डिएक अरेस्ट हो गया। आधा घंटे से अधिक उन्हें सीपीआर दिया गया लेकिन स्थिति नहीं संभल पाई। संक्षिप्त रिपोर्ट में अस्पताल ने उनकी रक्त और दूसरी जांचों की रिपोर्ट के साथ पूरे इलाज का ब्योरा भी दिया।

एलर्जिक रिएक्शन के संबंध में विशेषज्ञों का कहना है कि यह जानलेवा होता है। हेयर ट्रांसप्लांट करते वक्त व्यक्ति को दवाएं दी जाती हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रेम शंकर और त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. डीपी शिवहरे का कहना है कि उसी अस्पताल में हेयर ट्रांसप्लांट होना चाहिए जहां आईसीयू की सुविधा हो। इसके साथ ही जिसके हेयर ट्रांसप्लांट किया जा रहा है, उसके एलर्जी टेस्ट भी कराए जाने चाहिए। आईसीयू होने से व्यक्ति को तुरंत एलर्जिक रिएक्शन से बचाव का इलाज मिल जाएगा।
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