क्लीनिक में करती हैं दांतों का इलाज
सीएमओ द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड से कोई राय नहीं ली गई। अर्जी में डॉ.अनुष्का का कहना है कि उन्होंने रोहतक के पं.भगत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से 2015 में दंतशल्य चिकित्सक के रूप में डॉक्टर की उपाधि ली है। अपने क्लीनिक में दांतों का इलाज करती हैं। उन्होंने मास्टर क्लास इन फेशियल एस्थेटिक्स और मास्टर क्लास इन ट्रिचोलॉजी का प्रमाण पत्र भी लिया है।
दो जून तक का कोर्ट ने समय दिया है
इसलिए दांतों के इलाज के साथ ही बालों की बीमारी से बचाव के बारे में भी राय देती है। वह इलाज से मिलने वाली रकम से परिवारवालों का पालन-पोषण करती हैं। जेल जाने से उनका परिवार भूखों मर जाएगा। डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र के संबंध में पुलिस की रिपोर्ट नहीं आ सकी थी जिस कारण समय की मांग की गई। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए दो जून तक का समय दिया है।
इंजीनियर की पत्नी ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
इंजीनियर विनीत की पत्नी जया ने रावतपुर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि पनकी स्थित ऑफीसर्स कालोनी निवासी सहायक अभियंता विनीत कुमार दुबे 13 मार्च को डॉ.अनुष्का के पास हेयर ट्रांसप्लांट के लिए गए। वह दो बच्चों के साथ होली मनाने गोंडा स्थित मायके गई थीं। 14 मार्च को फोन करके विनीत के चेहरे पर सूजन की जानकारी दी गई।
डॉ.अनुष्का क्लीनिक बंद करके हो गई थीं फरार
उन्होंने कई बार डॉक्टर को फोन मिलाया, लेकिन फोन नहीं उठा। रात में दोबारा फोन मिलाया तो डॉ. अनुष्का ने बिना टेस्ट के हेयर ट्रांसप्लांंट करने की बात स्वीकारी। जया ने चाचा को फोन किया और उन्होंने अनुराग हास्पिटल पहुंचकर विनीत को वहां से रीजेंसी में भर्ती कराया, लेकिन 15 मार्च को पति की मौत हो गई। डॉ.अनुष्का को कॉल की तो उनका फोन बंद मिला, क्लीनिक भी बंद करके फरार हो गई थीं।