डॉ. अनुष्का तिवारी ने हेयर ट्रांसप्लांट का कंसल्टेंट बताकर भाई का ऑपरेशन किया था। 18 नवंबर 2024 की सुबह आठ बजे का समय दिया गया। ऑपरेशन के बाद घर जाकर उनकी तबियत बिगड़ गई। भाई लगातार कॉल करता रहा, लेकिन डॉ. अनुष्का ने हर बार बोला कि घबराने की कोई जरुरत नहीं है। यह बातें हेयर ट्रांसप्लांट में जान गंवाने वाले मयंक कटियार के भाई कुशाग्र कटियार ने रावतपुर पुलिस को दिए बयान में कहीं। उन्होंने बताया कि भाई बिल्कुल स्वस्थ थे। उन्हें दोपहर दो बजे केशवपुरम स्थित क्लीनिक से लेकर फर्रुखाबाद ले जाया गया।
कुशाग्र ने कहा कि वह भाई को क्लीनिक से लेने आए थे। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने भाई को सिर्फ एक दर्द की दवा देकर घर भेज दिया था। इसका पर्चा भी है। रास्ते में ही मयंक को सिर में तेज दर्द हुआ और घर पहुंचते ही उसकी हालत और बिगड़ गई।
डॉ. अनुष्का तिवारी
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चेहरा सूजने लगा, आंखें सूज गईं। मयंक लगातार डॉ. अनुष्का को फोन करता रहा, लेकिन वह हर बार यही कहती रहीं कि घबराने की जरुरत नहीं है। परिजनों ने भी बार-बार डॉक्टर से संपर्क किया, लेकिन डॉक्टर ने न तो सही सलाह दी और न ही किसी अस्पताल ले जाने को कहा। जब मयंक की हालत और बिगड़ी तो डॉक्टर ने कहा कि किसी कार्डियोलॉजिस्ट को दिखा दो। उन्हें फर्रुखाबाद के कार्डियोलॉजिस्ट के पास ले गए, जहां बताया गया कि मयंक को कोई दिल से जुड़ी बीमारी नहीं है। यह बात डॉ. अनुष्का को बताई गई तो उन्होंने कहा ठीक है, फिर हमारे पास ले आओ, लेकिन कुछ ही देर बाद 19 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे मयंक की मौत हो गई।
इसी क्लिनिक पर हुआ हेयर ट्रांसप्लांट
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बगैर रजिस्ट्रेशन चल रहा था अंपायर क्लीनिक
पुलिस की जांच में डॉ अनुष्का तिवारी फर्जी तरीके से क्लीनिक चला रही थीं। डॉक्टर ने रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से बीडीएस की डिग्री हासिल की है। यह डिग्री असली है या फर्जी इसका तो जांच के बाद पता चलेगा, लेकिन अगर किसी दूसरे स्टेट की यूनिवर्सिटी से डिग्री ली है तो यहां स्वास्थ्य विभाग से रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। इनकी क्लीनिक का कहीं भी रजिस्ट्रेशन नहीं है।