चेहरे पर पानी डालकर होश में लाया गया
यहां विवेचना से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे। डॉ. अनुष्का तिवारी के साथ उनके दो वकील भी मौजूद रहे। पुलिस ने जब दस्तावेज और मशीनों के बारे में डॉ अनुष्का से पूछताछ की तो तीन घंटे में दो बार बेहोश हुई। वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने चेहरे पर पानी डालकर उन्हें होश में लाया। फिर पूछताछ हुई। दोपहर करीब एक बजे टीम डॉ. अनुष्का को क्लीनिक से लेकर थाने पहुंची, जहां उनके बयान दर्ज करने के बाद तीन बजे जेल में दाखिल किया।
इसी क्लिनिक पर हुआ हेयर ट्रांसप्लांट
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यह मशीनें और दस्तावेज बरामद
हेयर ट्रांसप्लांट से संबंधित विज्ञापन के पर्चे, हेयर ट्रांसप्लांट की मशीनें, 40 हजार का बिल, प्लेटलेट रिच प्लाजमा (पीआरपी) ट्यूब्स, सर्जिकल किट, निडिल्स, हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़ी दवाएं, मरीजों के हस्ताक्षर की फाइल, दवाओं के पर्चे पर डॉक्टर के हस्ताक्षर, बिल की बुकलेट (जिसमें पुराने मरीजों का जिक्र है) बरामद किया।
कई पर्चे मिले, एक पर्ची पर हो रही चर्चा
क्लीनिक में भारी मात्रा में विज्ञापन के पर्चे मिले, जिसमें लिखा था कि हमारे यहां हेयर ट्रांसप्लांट होता है। इसमें डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अनुष्का तिवारी को हेयर ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट बताया गया। क्लीनिक में एक पर्ची भी मिली है, जिसमें 10 लोगों के नाम और मोबाइल नंबर हैं। इसे पुलिस ने जांच में शामिल किया है। पुलिस को आशंका है कि यह लोग भी हेयर ट्रांसप्लांट के मामले में शामिल हो सकते हैं। इसमें दो डॉक्टर के नाम भी शामिल हैं।
हेयर ट्रांसप्लांट के बाद इंजीनियर मयंक के चेहरे पर आई थी सूजन
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डॉ. अनुष्का के क्लीनिक से रिमांड के दौरान इतने साक्ष्य मिल गए हैं कि उसका बचना मुश्किल है। पहले तो आरोप लगा था, फिर जांच के दौरान कई इनपुट मिले और लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए। अब साक्ष्य बरामद हो गए हैं। इससे एक बात साफ है कि अनुष्का बीडीएस की डिग्री लेकर हेयर ट्रांसप्लांट कर रही थी। -अभिषेक पांडेय, एसीपी कल्याणपुर
यह था मामला
पनकी पावर प्लांट में तैनात इंजीनियर विनीत दुबे ने बीते 15 मार्च को कल्याणपुर केशवपुरम स्थित इंपायर क्लीनिक में डॉ. अनुष्का से हेयर ट्रांसप्लांट कराया था। हेयर ट्रांसप्लांट के बाद उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी ने डॉ. अनुष्का के खिलाफ रावतपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बीच फर्रुखाबाद के इंजीनियर मयंक कटियार की भी मौत का मामला सामने आया। डॉ. अनुष्का फरार हो गई थी। पुलिस ने दबिश देना शुरू किया, तो उसने 26 मई को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।