कानपुर देहात। दिशा की बैठक में पूर्व सांसद व सांसद के बीच हुए विवाद के बाद गुरुवार को दिशा के पांच सदस्य व एक प्रतिनिधि जिलाधिकारी से मिले और एक पत्र साैंपा। इसमें दिशा की बैठक में गाइड लाइन का पालन कराने को लेकर सुझाव दिए और अपनी मांग भी रखी। सदस्यों ने यह भी कहा कि वह किसी पक्ष से नहीं है बस यह चाहते हैं कि विकास कार्य व जनता के हित की बात हो।
जिलाधिकारी कपिल सिंह से मिलने के लिए गुरुवार को ब्लॉक प्रमुख अकबरपुर आशीष, ब्लाक प्रमुख मलासा स्वतंत्र पासवान के साथ संदलपुर, डेरापुर ब्लाक प्रमुख व नगर पालिका चेयरमैन झींझक, नगर पालिका पुखरायां के प्रतिनिधि पहुंचे। उक्त लोगों ने अपने क्षेत्र के विकास व स्थानीय समस्याओं को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही चार नवंबर को हुई दिशा की बैठक को लेकर चर्चा करते हुए नौ बिंदुओं पर एक पत्र सौंपा। सभी ने बताया कि वह दिशा की बैठक में उत्पन्न हुई परिस्थितियों से वाकिफ है। इस पर पक्ष रखते हुए सुझाव दिए।
साथ ही बैठक में गाइड लाइन का पालन हो, साथ ही दोबारा इस तरह की पुनरावृत्ति न हो इसकी मांग की। बता दें कि जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक में नामित सदस्यों व कुछ अन्य मुद्दों को लेकर माहौल गरमा गया था। बैठक के दौरान पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी व सांसद देवेंद्र सिंह के बीच नोक-झाेंक हो गई थी। इसके बाद से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने बताया कि कुछ सदस्य मिलने आए थे। उन्होंने दिशा को लेकर चर्चा की। इसमें उन्हें बताया गया कि दिशा की बैठक में गाइड लाइन का पालन होगा।
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इन बिंदुओं पर सौंपा पत्र
1-विगत वर्षों में हुई बैठकों/कार्यवाही का अनुश्रवण कराया जाए, कौन-कौन से मुद्दे जो दिशा की गाइडलाइन में नहीं थे, उठाए गए और उन पर कार्यवाही की गई है।
2- वर्तमान में जो विषय गाइडलाइन में नहीं है, उन्हें मिनट्स से हटाया जाए।
3- पिछली बैठकों में गाइडलाइन में कितने विषयों पर चर्चा हुई, वास्तव में जनहित के विषयों पर कितना समय दिया गया।
4-भविष्य में होने वाली बैठकों में गाइडलाइन के बाहर के विषयों पर रोक लगाई जाए।
5-बैठक के दौरान सीटिंग प्लान, भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कराया जाए।
6- बैठक में यह सुनिश्चित किया जाए कि माननीयो/ सदस्यों के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर सकते हैं, यदि हां, तो स्पष्ट निर्देश जारी किए जाए।
7- बैठक के दौरान सहायक रखने का अधिकार किस-किस को है, और कितने स्पष्ट निर्देश जारी किए जाए।
8-सभी सदस्यों को कार्यवृत्ति समय से पहुंचाई जाए, जिससे अगली बैठक में सुगमता हो
9-बैठक में उपस्थित सदस्य को कितने विषय रखने का अधिकार है, यह सुनिश्चित किया जाए, जिससे सभी को समान रूप से जनहित के विषय रखने का अवसर मिल सके।