पुलिस ने मामले में पीड़ित की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियत समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर लिया था। थाना प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि मामले में नामजद आरोपी सिक्योरिटी गार्ड अखंड प्रताप को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
बंदरों की झुंड भगाने के लिए किया था फायर
पकड़े गए सिक्योरिटी गार्ड ने पूछताछ में बताया कि उसने जानबूझ कर बंदर को गोली नहीं मारी थी। वह महज हादसा था। दरअसल घटना वाले दिन बंदरों की एक झुंड छत पर उधम मचा कर रहा था। झुंड को भगाने के लिए उसने एयरगन से फायर किया था, लेकिन गोली एक बंदर को जा लगी। जिसके चलते उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद उसने बंदर को घर के सामने ही दफना दिया था।