साढ़े तीन सौ से अधिक रोगियों का उपचार हुआ
यह अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस दिसंबर वर्ष 2024 में होनी थी, लेकिन लॉस एंजेलिस में आग की घटना होने की वजह से आयोजन तिथि अप्रैल में कर दी गई। इसमें फैट ड्राइव्ड स्टेम सेल शोध प्रस्तुत किया जाएगा। अभी तक साढ़े तीन सौ से अधिक रोगियों का स्टेम सेल से उपचार हुआ है। सर्जरी, न्यूरो, नेत्र रोग आदि विभागों में इस विधि का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आंखों की लाइलाज बीमारियों में मिली सफलता
स्टेम सेल थैरेपी से आंखों की लाइलाज बीमारियों में सफलता मिली। रोगियों की आंखों में रोशनी आई। नेत्र विभाग के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. परवेज खान ने ड्राई एज रिलेटेड मैकुलर डिजनरेशन, रॉड कॉन डिस्ट्रॉफी, रेटिनाइटिस पिगमिंटोसा, थाइसिस बल्बाय आदि रोगों का स्टेम सेल थैरेपी से इलाज किया है।
17 बीमारियों में दी गई थैरेपी
स्टेम सेल थैरेपी विशेषज्ञ डॉ. बीएस राजपूत ने बताया कि इस थैरेपी का 17 बीमारियों में इस्तेमाल किया गया। इनमें मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्पाइनल कॉर्ड की चोट, सीपी ग्लोबल डिजनरेशन डिले, पोस्ट स्ट्रोक सिंड्रोम, मोटर न्यूरॉन डिजीज आदि शामिल हैं। अब मल्टीपल स्केलियोरोसिस, मल्टी सिस्टम एट्रॉफी, रिम्युट्रोएड पॉली आर्थ्राइटिस, पार्किंसंस डिजीज में किया जाएगा।