कानपुर। एआई और रोबोटिक सर्जरी को बढ़ावा देने तथा चिकित्सा और इंजीनियरिंग के तालमेल से नए शोध क्षेत्रों के रास्ते खोलने के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के बीच सोमवार को महत्वपूर्ण करार हुआ। सीआरएस सभागार में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दोनों संस्थानों के अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए।
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि यह सहयोग हेल्थटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक सर्जरी और थ्री-डी प्रिंटिंग के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करेगा। इंजीनियरों को चिकित्सा क्षेत्र की समझ और पीएचडी छात्रों के शोध कार्य को नई दिशा मिलेगी। एचबीटीयू के रजिस्ट्रार अमित कुमार राठौर ने इसे तकनीक और चिकित्सा का संगम बताते हुए कहा कि इससे नवाचार आधारित स्वास्थ्य समाधान विकसित होंगे।
मेडिकल कॉलेज से मिलने वाले रियल टाइम डाटा और विविध रोगियों के अध्ययन से शोध कार्य में तेजी आएगी। पांच वर्षों के इस करार का उद्देश्य संयुक्त अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को प्रोत्साहन देना, हेल्थटेक और रोबोटिक सर्जरी आधारित स्टार्टअप का इनक्यूबेशन, छात्र प्रशिक्षण और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस मौके पर प्रो. जितेंद्र भास्कर, प्रो. वंदना कौशिक, प्रो. ललित कुमार सिंह, डॉ. रिचा गिरि, डॉ. सौरभ अग्रवाल और डॉ. सीमा द्विवेदी मौजूद रहीं।