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बरौनी ग्वालियर से 28 बच्चों को बांदा ले जा रहे मौलवी को जीआरपी ने ट्रेन से पकड़ा, अब ये सच आया सामने

Tue, 25 Jun 2019 12:31 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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बच्चों को साथ ले जाने वाला मौलवी - फोटो : अमर उजाला
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बरौनी ग्वालियर मेल से 28 बच्चों को बांदा ले जा रहे मौलवी को जीआरपी ने ट्रेन से उतारा। मौलवी ने बताया कि वह बच्चों को पढ़ाने के लिए ले जा रहा था। बच्चों से बात पर पता चला कि वह कानपुर में पढ़ाने की बात कहकर घर से लाया था। जीआरपी ने परिजनों से संपर्क करने के साथ ही बच्चाें व मौलवी को चाइल्डलाइन को सौंपा है।
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परिजनों के आने के बाद ही हकीकत सामने आएगी। बिहार प्रांत के थाना अकरिया के गांव बिसरवां मोहलगांव निवासी मो. जाहिद पुत्र हफीम मौलवी है। सोमवार को वह गांव के ही 28 बच्चों को दोपहर 2 बजे ग्वालियर-बरौनी मेल के एस 9 डिब्बे में बिठाकर बांदा ले जा रहा था। गाड़ी में बैठे यात्रियों को शक होने पर उन्होंने कंट्रोलरूम को सूचना दी।

 
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जीआरपी थाने में खड़े बरौनी ग्वालियर मेल से उतारे गए 28 बच्चे

बरौनी ग्वालियर मेल से उतारे गए 28 बच्चे - फोटो : अमर उजाला
जीआरपी को 28 बच्चे ले जाने की जानकारी मिलते ही गाड़ी जैसे ही उन्नाव जंक्शन पहुंची सिपाहियों ने सभी को उतार लिया। थाने लाकर बच्चों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह मौलवी के साथ पढ़ाई करने जा रहे हैं। जीआरपी ने जब बच्चों के परिजनों से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि मौलवी कानपुर के किसी मदरसा में पढ़ाने की बात कहकर घर से लेकर गए हैं।

मौलवी व परिजनों की बातों में अंतर मिलने पर बच्चों व मौलवी को थाने में बिठाया गया। बाद में जीआरपी ने बच्चों व मौलवी को चाइल्ड लाइन को सौंपा है। बच्चों की उम्र 6 से 12 साल के बीच है। जीआरपी प्रभारी एसके राव ने बताया कि बच्चों व मौलवी को चाइल्ड लाइन को सौंपा गया है। बच्चों के परिजनों से भी संपर्क कर लिया गया है। अगर वह तहरीर देते हैं तो मौलवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 
 
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