हरदोई के कलेवा के दौरान दूल्हा रुपये नहीं गिन पाया और अपना नाम भी नहीं लिख सका। ये देखकर युवती ने शादी से इनकार कर दिया। शाहाबाद कोतवाली में लगभग दो घंटे तक चली कवायद के बाद बरात बिना दुल्हन के ही लौट गई।
शाहजहांपुर शहर निवासी एक अधिवक्ता के पुत्र का विवाह शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासी किसान की पुत्री के साथ तय हुआ था। मंगलवार रात बरात आई और वधू पक्ष के लोगों ने जमकर खातिरदारी भी की। शादी का आयोजन शाहाबाद कस्बे में स्थित एक मैरिज लॉन में किया गया।