इटावा। सिविल लाइन क्षेत्र में परचून दुकानदार की गोली लगने से मौत हो गई। रविवार देर रात हुई घटना के बाद भतीजे ने जिला अस्पताल में रंजिश में कुछ लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया था। हालांकि पुलिस की जांच में आत्महत्या की बात सामने आई है।
रविवार को थाना सिविल लाइन क्षेत्र के ढूंडपुरा गांव में सुखवीर यादव (45) की घर के अंदर ही परचून की दुकान है। रात लगभग नौ बजे गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन दौड़े तो सुखवीर का शव दुकान में पड़ा मिला। उनके सीने में गोली लगी हुई थी और आसपास खून पसरा हुआ था। सूचना पर थाना सिविल लाइन पुलिस, फोरेंसिक टीम, सीओ सिटी रामकुमार शर्मा ने घटना की जांच की।
जिला अस्पताल में बनी मोर्चरी पर पहुंचे भतीजे सुकेश ने चाचा की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया था। बताया था कि 2021 में पिता और चाचा पर जानलेवा हमला हो चुका है। पिता की 18 जनवरी को मौत हो चुकी है। उनकी परिवार के लोगों से ही जमीन के विवाद में रंजिश चल रही है। हमला करने वाले पांच लोगों को इस मामले में सजा हो चुकी है। इससे वह आक्रोशित हैं और उन्होंने चाचा पर हमला कर दिया है। उधर, पुलिस का दावा है कि जांच में परिजनों ने आत्महत्या करने की बात बताई है।
पुलिस बोली- तीन बच्चों की डेंगू से मौत के बाद से था डिप्रेशन में
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया है कि सुखवीर के तीन बच्चों की 2022 में डेंगू से मौत होने की जानकारी दी गई है। इसी के चलते वह अवसाद में रहता था और शराब पीता था। घटना के समय वह घर में अकेला था। पत्नी फिरोजाबाद रिश्तेदार को देखने गई हुईं थी। घटनास्थल पर आत्महत्या में इस्तेमाल तमंचा भी पुलिस टीम को बरामद हुआ है।