सात अक्तूबर को हुई बैठक में ड्रेनेज सिस्टम के लिए मंडलायुक्त अमित गुप्ता द्वारा प्रस्ताव मांगे के बाद लखनऊ के इकाना और वाराणसी के नए स्टेडियम की तरह ग्रीनपार्क में सब एयर सिस्टम, सब-सरफेस एरिएशन और वैक्यूम-पावर्ड ड्रेनेज सिस्टम लगाने के लिए बीसीसीआई की तकनीकी टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीसीसीआई की टीम जल्द ही ग्रीनपार्क का निरीक्षण करेगी। कोशिश होगी कि ऐसा ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाए, जिससे एकत्र पानी का इस्तेमाल अन्य कामों में हो सके। साथ ही बारिश होने पर पानी 15 से 20 मिनट में निकल जाए। इससे मैदान की आउटफील्ड व बाउंड्री के पास का हिस्सा गीला नहीं रहेगा अैर मैच आधे से एक घंटे में शुरू होने की संभावना रहेगी।
इसके अलावा उस बैठक में ई-पब्लिक, बी-गर्ल्स, बी-जनरल, सी-बालकनी व सी स्टॉल को तोड़कर उनके स्थान पर तीन मंजिला दर्शक दीर्घा बनाने का भी फैसला हुआ था। तोड़ी जाने वाली दीर्घाओं की कुल दर्शक क्षमता 14200 है, जबकि टेस्ट मैच के दौरान इसमें से 9009 दर्शक क्षमता का ही इस्तेमाल किया गया था, जिसे मिलाकर ग्रीनपार्क की कुल दर्शक क्षमता 26007 हो गई थी। इन गैलरियों की प्रयोग में लाई गई क्षमता को घटाने के अन्य गैलरियों की क्षमता 16998 ही थी। अब 26000 दर्शक क्षमता की तीन मंजिला दीर्घा के निर्माण के बाद ग्रीनपार्क की क्षमता लगभग 42000 हो जाने का अनुमान है। इस दीर्घा के लिए यूपीसीए ने दिल्ली, वाराणसी और लखनऊ से आर्किटेक्ट और विशेषज्ञों की टीम से संपर्क किया है। यहां की टीमें ग्रीनपार्क का जायजा लेने के बाद अपना एस्टीमेट देंगी। एस्टीमेट और दीर्घा बनाने के लिए अपनाई जाने वाली तकनीक के आधार पर उसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
लखनऊ के इकाना और वाराणसी के नए स्टेडियम की तरह का ड्रेनेज सिस्टम ग्रीनपार्क में बनाने की योजना बनाई जा रही है। दर्शक क्षमता बढञाने के लिए दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी की टीम से संपर्क किया गया है, जो जल्द ही ग्रीनपार्क का जायजा लेगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रस्ताव को फाइनल कर शासन को दिया जाएगा। - अंकित चटर्जी, सीईओ यूपीसीए