प्रदेश के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम ग्रीनपार्क के एमओयू (सहमति अनुबंध पत्र) पर बुधवार को लखनऊ में हस्ताक्षर हुए। इसके साथ ही यूपीसीए अब 30 साल तक ग्रीनपार्क स्टेडियम की देखरेख करेगा। करार के तहत हर साल यूपीसीए ग्रीनपार्क के किराए के रूप में एक करोड़ रुपये शासन को देगा।
यूपीसीए के सचिव राजीव शुक्ला का कहना है कि यह बहुत अच्छा काम हुआ है, इससे ग्रीनपार्क में अंतर्राष्ट्रीय मैच के आयोजन में काफी आसानी होगी। इसी का नतीजा है कि दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच दूसरा या तीसरा एकदिवसीय मैच ग्रीनपार्क को आवंटित हुआ है। आगे भी इसी प्रकार से अंतर्राष्ट्रीय मैच आयोजित होते रहेंगे।
ग्रीनपार्क स्टेडियम के एमओयू के लिए उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन वर्ष 2008 से प्रयासरत था। 27 नवंबर 2013 में भारत और वेस्टइंडीज के एकदिवसीय मैच के बाद तत्कालीन खेल मंत्री नारद राय, यूपीसीए सचिव राजीव शुक्ला और तत्कालीन यूपीसीए जीएम मयंक वाजपेयी ने ग्रीनपार्क के एमओयू के लिए प्रयास तेज किए थे, लेकिन नियम व शर्तों में कुछ खामियों के चलते एमओयू की फाइल शासन से वापस हो गई थी। इसके बाद यूपीसीए सचिव राजीव शुक्ला के निर्देश पर वर्ष 2014 में यूपीसीए के सीईओ ललित खन्ना ने खेल सचिव भुवनेश कुमार से लगातार बैठक कर इस पर काफी संशोधन भी किए। दोनों पक्षों में सहमति के बाद आखिर यूपीसीए को 30 साल के लिए ग्रीनपार्क स्टेडियम की जिम्मेदारी मिल गई।
एमओयू की शर्तें
- यूपीसीए 30 साल तक के लिए ग्रीनपार्कलेगा
- प्रत्येक साल का किराया एक करोड़ रुपये होगा
- पूरे साल स्टेडियम में क्रिकेट की गतिविधियां होंगी
- यूपीसीए निर्माण संबंधी कामकाज भी कराएगा
- बिजली बिल और वाटर टैक्स का भुगतान यूपीसीए करेगा
- अंतर्राष्ट्रीय मैच से होने वाली आय का 30 फीसदी प्रदेश सरकार का होगा
- क्रिकेट छात्रावास और अंशकालिक खेल के प्रशिक्षण शिविर पूर्ववत रहेंगे
- डायरेक्टर पवेलियन के 30 फीसदी पास प्रदेश सरकार को दिए जाएंगे
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