ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस वे पर जिस बस में भीषण आग लगी और नौ यात्री जिंदा जल गए। इस घटना ने हर किसी को झकझोर दिया। रामनगर निवासी ठेकेदार वीरेंद्र कुमार (45) भी इसी बस से लौट रहे थे। वह करीब दस दिन पहले काम के सिलसिले में बाहर गए थे। उन्होंने बताया कि गांव से करीब दो किलोमीटर पहले कुछ युवक बाइक से बस के पीछे-पीछे आ रहे थे। तभी अचानक बस में धुआं भरने लगा। देखते ही देखते धुआं इतना बढ़ गया कि यात्रियों को सांस लेना मुश्किल हो गया और करीब पांच फीट तक आग की लपटें उठने लगीं।
वीरेंद्र के मुताबिक, इसके बाद बस में अफरा-तफरी मच गई। हर यात्री अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने की कोशिश करने लगा। उन्होंने भी किसी तरह दरवाजे से छलांग लगा दी। पीछे मुड़कर देखा तो बस आग की लपटों से घिर चुकी थी। उन्होंने बताया कि कुछ देर पहले तक जिस बस में लोग अपने घर पहुंचने की उम्मीद में बैठे थे, वही देखते ही देखते काल के मुंह में समा गई।