दुर्घटना का शिकार घायल अवस्था में सुधांशु
आजाद हिंद फौज में रानी झांसी रेजीमेंट और आजाद हिंद सरकार की सचिव रहीं स्वंतत्रता सेनानी लेफ्टिनेंट कैप्टन मानवती आर्या का नाती आईआईटीयन सुधांशु आर्य सोमवार को कानपुर में तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया। इस दुर्घटना में सुधांंशु के दोनों पैरों के पंजे कट गए। वह आईआईटी से बीटेक करने के बाद गुड़गांव में जॉब कर रहा है। उसके बेहोश होने से अभी ये नहीं पता चल पाया है कि वो ट्रैक पर कैसे पहुंच गया। इधर, परिजनों को जानकारी हुई तो घर में कोहराम मच गया।
आठ दिन पहले छुट्टी लेकर घर आया था
कानपुर नवाबगंज स्थित पत्रकारपुरम में रहने वाले दिनेश आर्या पीएनबी बैंक से रिटायर्ड हैं। उनके परिवार में पत्नी सुरभि और दो बेटे सुधांशु (31) व प्रत्यूष है। दोनों बेटे आईआईटी से बीटेक करने के बाद जॉब कर रहे हैं। जिसमें सुधांशु गुड़गांव में जॉब कर रहा है। वो आठ दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आया था। वो सोमवार की दोपहर घर से निकला था। इसके बाद वो कहां गया। इस बारे में अभी कुछ पता नहीं चल सका है। सुधांशु शाम को आईआईटी के करीब एक किलोमीटर आगे वैंडी स्कूल के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। जहां ट्रेन की चपेट में आने से उसके दोनों पैर के पंजे कट गए। इलाकाई लोगों ने उसको प्राइवेट हास्पिटल में एडमिट कराकर पुलिस और परिजनों को जानकारी दी। इन दिनों आईआईटी में टेककृति फेस्ट चल रहा था। माना जा रहा है कि वो आईआईटी में पुराने साथियों से मिलने गया होगा। जहां से वो टहलते हुए ट्रैक के पास चला गया।
यह भी वजह हो सकती है
सुधांशु जिस समय ट्रेन की चपेट में आया। उस समय उसके हाथ में मोबाइल था। जिससे उसके मोबाइल पर बात करते हुए ट्रैक पर चलने जाने की आशंका जताई जा रही है।