तहसील की मिलीभगत से 9480 बीघा सरकारी जमीन हड़प ली गई। जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने तीनों तहसीलों में सर्वे कराया तो यह पोल खुली। अब जिलाधिकारी ने करोड़ों रुपये की इस सरकारी जमीन को चिह्नित कराकर सूची बनवाई है।
तहसील, केडीए और पुलिस की टीमें बनाकर इस जमीन से अवैध कब्जे हटवाने की जिम्मेदारी दी गई है। पूरी कार्रवाई का नोडल अफसर एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह को बनाया गया है। प्रथम चरण में अवैध कब्जे हटवाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। अभियान 23 मई तक चलेगा।
सरकारी योजनाओं के लिए जमीन न मिलने पर जिलाधिकारी ने तहसीलों के रिकॉर्ड खंगलवाए तो खुलासा हुआ कि सरकारी जमीन पर कई सालों से अवैध कब्जे हो गए हैं। कहीं बिल्डिंग्स बनवा ली गई हैं तो कहीं पर खेती हो रही है। कई स्थानों पर सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए दबंग बंटाई पर खेती करा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने सर्वे कराया तो सदर, घाटमपुर और बिल्हौर तीनों तहसीलों के 43 क्षेत्रों में कुल 9480 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे निकले। यह जमीन करोड़ों रुपये की बताई गई है। सभी जमीनों की सूची तैयार करा ली गई है।
इधर, इस मामले पर जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि कीमती जमीन खाली कराकर केडीए सरकारी भूमि होने का बोर्ड लगवाएगा। ग्राम प्रधान को इस भूमि की देखरेख के लिए कमेटी द्वारा एक लिखित पत्र दिया जाएगा।
शासकीय भूमि पर प्रधान भूमि प्रबंधक समिति के अध्यक्ष की हैसियत से निगरानी रखेंगे। दोबारा किसी प्रकार का कब्जा होने पर वह पुलिस, केडीए और जिला प्रशासन को जानकारी देंगे। खाली कराई गई जमीन की बुकलेट संबंधित थाने, तहसील केडीए में रहेगी। इसकी एक प्रति ग्राम प्रधान के पास रहेगी।
यहां पर अवैध कब्जे
सरसौल, भिवली, रामपुर, नगरा, महाराजपुर, कंधईखेड़ा, मूजखेड़ा, अटवा, इमलीपुर, ककराली, कठुई, कठोगर, कसिगवां, कुढगांव, मर्दनपुर, गंभीरपुर दक्षिण, पतेहुरी, पिपौरी, गोपालपुर, पैगूपुर, हींगूपुर कछार, बैगूपुर कछार, बैगूपुर बांगर, हींगूपुर बांगर, रमेल बांगर, फत्तेपुर उत्तर, बरबट बांगर, बौसर, टौंस, धरमंगदपुर नर्वल, फुफुवार सुईथोक, बधारा, जरकलां, कुढ़वा, उदयपुर, ऐती, ढोंढर, रायपुर कछार, लालेपुर, पलरा।