पौधारोपण करतीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल
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बांदा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुंदेलखंड में अन्ना पशु प्रथा पर गहरी चिंता जताते हुए बुंदेलियों से सवाल किया कि दूध लेकर बूढ़ी गाय को क्यों छोड़ देते हैं? क्या बूढ़े माता-पिता को भी इस तरह छोड़ते हैं? उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के लोगों को गुजरात से सीख लेकर जल प्रबंधन और जल संरक्षण करना चाहिए।
राज्यपाल बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने छह छात्र-छात्राओं को कुलपति पदक देकर सम्मानित किया। समारोह में 103 छात्र-छात्राएं सम्मानित हुए। बृहस्पतिवार को कृषि विश्वविद्यालय के उद्यान सभागार में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय समारोह की अध्यक्षता कर रहीं राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने कहा कि बुंदेलखंड में दलहनी और तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएं।
गुजरात मॉडल पर जल प्रबंधन से खेत और पीने के पानी का संकट खत्म होगा। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि प्रदेश में 51 फीसदी बालिकाएं कुपोषण का शिकार हैं। मेडल प्राप्त करने वाले छात्रों से कहा कि शादी में गोल्ड न मांगे। छात्राओं से कहा कि दहेज मांगने वालों से शादी न करें।
कहा कि देश में बहुत कम समय में 11 करोड़ शौचालय बनवाकर गांधी जयंती (दो अक्तूबर) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश को ओडीएफ घोषित किया है। प्रधानमंत्री का अगला लक्ष्य देश को टीबी मुक्त करना है। इसके लिए 2025 तक समय निर्धारित किया गया है।
समारोह में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय विश्वविद्यालय, झांसी के कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह ने बुंदेलखंड में नस्ल सुधार और कृषि में नई तकनीक अपनाने पर बल दिया। कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने बताया कि विश्वविद्यालय ने 100 गांव गोद लिए हैं।
उन्होंने राज्यपाल और प्रोफेसर पंजाब सिंह को स्मृतिचिह्न भेंट किए हैं। डीएम हीरालाल ने बांदा जिले के विकास से संबंधित पुस्तिका भेंट की। इसके पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में हेलीपैड पर मंडलायुक्त शरद कुमार सिंह और डीआईजी दीपक कुमार ने राज्यपाल की अगुवानी की।