कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि गंगा की उपेक्षा की तो वह दूर होती गईं। पर्यावरण को दुरुस्त रखने के लिए सभी को जागरूक होना होगा। महापौर प्रमिला पांडेय, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, सत्यदेव पचौरी, विधायक सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार, मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर, नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन आदि मौजूद रहे।
इनका किया लोकार्पण
विजय नगर चिल्ड्रेन पार्क में दो नमो वन और अंबेडकर पार्क पनकी, सरायमीता पनकी, गुप्तार घाट, शन्नेश्वर मंदिर मसवानपुर ग्रीनबेल्ट, जागेश्वर अस्पताल गोविंद नगर, श्री रतन शुक्ल इंटर कालेज परिसर जूही परमपुरवा में एक-एक नमो वन।
नमो वन में लगे पौधे
पीपल, अर्जुन, पिलखान, शीशम, गोल्डमोहर, जामुन, मौलश्री, आडू, शहतूत, मेहंदी, तुलसी पारस, अशोक, टिकोमा, चंपा आदि।
ये है मियावाकी पद्धति
मियावाकी पद्धति का आविष्कार जापान के वनस्पति शास्त्री मियावाकी ने किया था। इसमें छोटे-छोटे स्थानों पर विशेष तकनीक से पौधरोपण किया जाता है। तीन तरह की प्रजातियों के पौधे चुने जाते हैं, जिनकी ऊंचाई पेड़ बनने पर अलग-अलग हो सके। इस पद्धति से लगभग शत प्रतिशत पौधे जीवित रहते हैं। इस तकनीक से साधारण पौधों की तुलना में 10 गुना तेजी से पौधे बढ़ते हैं। दावा किया कि इससे प्रदूषण पर अंकुश लगेगा।