ऐसे वक्त जब ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए त्राहि त्राहि मची है और संक्रमितों का ऑक्सीजन सेच्युरेशन लेवल तेजी से गिर रहा है, होम्योपैथी कारगर साबित हो रही है। होम्योपैथी की दवाओं से ऑक्सीजन के तेजी से नीचे आने की प्रक्रिया संभल जा रही है। ऑक्सीजन लेवल एकदम से ध्वस्त नहीं हो पाता।
250 कोरोना रोगियों पर किए गए प्रयोग में यह सफलता मिली है। डॉ. निगम होम्योपैथी हेल्थ केयर ने यह प्रयोग किया है। सीनियर होम्योपैथ डॉ. हर्ष निगम का कहना है कि महाराष्ट्र वाले कोरोना डबल म्यूटेंट के लक्षण वाले रोगी शहर आ रहे हैं। यह पिछली लहर के वायरस से अलग है।
बीते पूरे साल में 187 रोगी आए थे और इस बार उनके पास 15 दिन में 250 रोगी आए जिन पर दवाएं आजमाई गईं। इनसे रोगियों का गिरता हुआ ऑक्सीजन सेच्युरेशन लेवल संभल गया। इसी तरह का प्रयोग उनकी संस्था से जुड़े देश के अन्य प्रांतों के होम्योपैथ ने भी किया है।