चकरनगर। कस्बा क्षेत्र के टिटावली गांव में नव निर्मित मंदिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवतकथा के चौथे दिन संत चिन्मयानंद बापू ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की कथा का वर्णन किया। कहा कि जब पृथ्वी लोक पर पाप बढ़ जाते हैं तब भगवान धर्म और धरती की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं।
चिन्मयानंद बापू ने कहा कि वह हमारे जीवन वल्लभ हैं, हमारे प्राण हैं। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है, लेकिन भक्ति भाव से करना चाहिए। उसमें समर्पण का भाव होना चाहिए। जो भगवान से मांग करता है उसमें स्वार्थ का भाव होता है। इसलिए सत्य प्रेमी बनकर ईश्वर के पास जाओ तो उम्मीद से ज्यादा मिलता है। कथा में जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया तो कथा पंडाल में नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारे गूंज उठे।
गाजे-बाजे और शहनाइयों की धुन पर श्रद्धालु झूम-झूम कर नाचने लगे। इस दौरान परीक्षित राजेंद्र यादव, जगदीश यादव, बादशाह सिंह, जितेंद्र यादव, राम विजय सिंह विनोद सिंह, ऊमरी सरपंच वीरेंद्र उर्फ पुनु यादव, बीआईपी रुर, वीरेंद्र यादव मोतीपुरा, प्रधान संघ अध्यक्ष ब्रजेन्द्र यादव,रविंद्र यादव आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।