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रूस में चल रहे 'वैश्विक हिंदी सम्मेलन' में इन दो भारतीय साहित्यकारों को किया गया सम्मानित

Thu, 07 Jun 2018 10:12 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डा. रामकृष्ण राजपूत और डा. श्याम सुंदर निर्मोही को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया - फोटो : अमर उजाला
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यूपी में फर्रुखाबाद जिले के दो साहित्यकारों को रूस के मास्को में चल रहे वैश्विक हिंदी सम्मेलन में चार जून को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसमें विश्व भर के हिंदी साहित्य के विद्वान, पत्रकार, विषय विशेषज्ञ हिस्सा लेते हैं।
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वरिष्ठ कवि शिवओम अंबर ने बताया कि रूस में पिछले माह से चल रहे वैश्विक हिंदी सम्मेलन में प्रदेश से तीन और पूरे देश से 70 साहित्यकारों को इस सम्मेलन में बुलाया गया था। डा. रामकृष्ण राजपूत और डा. श्याम सुंदर निर्मोही को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। रविवार को वे लोग घर वापस आएंगे। 


इतिहासकार डा. रामकृष्ण राजपूत को सपा सरकार में उनके विशेष योगदान के लिए यश भारती अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें 2014 में अवंतीबाई साहित्य सम्मान भी मिला था। इसके अलावा समाजशास्त्री डा. श्याम सुंदर निर्मोही को विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं ने सम्मानित किया है। 
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फर्रुखाबाद महोत्सव और शिखर संस्था से बनाई पहचान
डा. रामकृष्ण राजपूत एक दशक से फर्रुखाबाद महोत्सव को लेकर चर्चा में रहते हैं। वह इसके मुख्य आयोजक हैं। इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। वहीं, समाजशास्त्री डा. श्याम सुंदर निर्मोही काफी समय से साहित्यिक संस्था शिखर के अध्यक्ष हैं। 


ऐसे होता है चयन
डा. शिवओम अंबर ने बताया कि विश्व भर में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए कई संस्थाएं काम करती हैं। ये अपनी ओर से विश्व भर के साहित्यकारों से उनका बायोडाटा मंगवाती हैं। बायोडाटा के आधार पर साहित्यकारों का चयन किया जाता है।
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