सेमिनार में संबोधित करते प्रो. विनय कुमार पाठक।
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कानपुर। तकनीक और उसके सामाजिक प्रभाव पर मंगलवार को आईआईटी कानपुर में कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्घाटन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने किया। साथ ही कुलपति ने कहा कि अब अपनी लैंग्वेज हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा की व्यवस्था करनी होगी, तभी तकनीक को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकेगा।
दि इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स ने मंगलवार को 48वां वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड इनफारमेशन डे मनाया। इसी उपलक्ष्य में आईआईटी कानपुर के आउटरिच हाॅल में एक दिवसीय कार्यशाला भी हुई, जिसमें तकनीक के विस्तार पर चर्चा की गई। टेक्नोलॉजी एंड नॉलेज मैनेजमेंट दि कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग कनाडा के निदेशक वेंकटारमन बालाजी ने कहा कि सोशल मीडिया का दायरा तेजी से बढ़ा है। जिस व्यक्ति के हाथ में स्मार्ट फोन है, वह सोशल मीडिया से जरूर जुड़ा है। इसका प्रचार-प्रसार अब क्षेत्रीय भाषाओं में करना चाहिए। आईआईटी कानपुर में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. टीवी प्रभाकर ने कहा कि क्लाउड और वर्चुअल कंप्यूटर का बड़ा फायदा समाज को मिल रहा है। मौसम की सटीक भविष्यवाणी सामने आ रही है। अब इनफॉरमेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का दायरा बढ़ा है। इस मौके पर संस्था के चेयरमैन प्रो. नरेंद्र कोहली, यूएस यादव, सचिव डॉ. संजय कुमार शर्मा और प्रो. जे. राम कुमार मौजूद रहे।