दो बच्चियों के डूबने के बाद रोते-बिलखते परिजन।
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कानपुर। जाजमऊ क्षेत्र में खेलते-खेलते दो सगी बहने गंगा में समा गईं। वहां मौजूद अन्य भाई-बहनों ने डूबता देख शोर मचाया और परिजनों को सूचना दी। मदद के लिए पहुंचे गोताखोरों को काफी तलाश के बाद एक शव मिला, लेकिन दूसरे का देर रात तक कोई सुराग नहीं लगा। बच्चियां गंगा को सूखा समझ आगे बढ़ती जा रही थीं।
जाजमऊ वाजिदपुर में रहने वाला ननकऊ मजदूर है। घर में पत्नी नफीसा और पांच बच्चे सायरा, जैनब, आयशा, इरफान और मुनव्वर है। सोमवार दोपहर को पांचों बच्चे घर से कुछ दूरी पर मौजूद गंगा में नहाने गए थे। पानी में नहाने के दौरान खेलते-खेलते शायरा (15) और आयशा (13) सूखी गंगा के धोखे में बीच धारा में चली गईं। इसी दौरान पानी में अचानक गहरा गढ्डा होने से दोनों गहरे पानी में समा गईं। वहां मौजूद अन्य भाई-बहनों ने शोर मचाया तो आस-पास के लोग जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी। वीआईपी ड्यूटी से फुर्सत पा
दो घंटे बाद पुलिस ने गोताखोरों को बुलाया तो आयशा का शव मिला, जबकि गोताखोर शायरा को देर रात तक तलाशते रहे लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बेटी का शव देखते ही परिजन बदहवास हो गए और गले से लगाकर रोने लगे। देर रात तक दूसरी बेटी की आश में पुलिस, परिजन समेत कई लोग घाट पर जमे रहे। चकेरी एसओ आलोक यादव ने बताया कि नहाने के दौरान गहरे पानी में जाने से सगी बहनें पानी में डूबी हैं।