एक होनहार छात्रा असमय काल का ग्रास बन गई और इसका सबसे बड़ा कारण बना गांव में विद्युतीकरण न होना। बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा के दुपट्टे में पढ़ाई के लिए पेट्रोमैक्स जलाते समय आग लग गई। गंभीर रूप से झुलसने के कुछ समय बाद ही उसने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम करवाए बगैर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। घटना जिला बांदा गिरवां थाने के देवरार गांव स्थित रामानंद पुरवा की है।
इस पुरवे में आजादी के बाद से अब तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है। यहां के होनहार लड़के-लड़कियों को लालटेन व ढिबरी की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है। रामानंद की पुत्री आरती (18) गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर नौहाई गांव के इंटर कॉलेज में 12वीं की छात्रा थी। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे उसने पढ़ाई करने के लिए पेट्रोमैक्स जलाया और आग का शिकार हो गई। शोर मचाने पर जब तक परिवार वालों ने उसे बचाया, वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। आनन-फानन उसे जिला अस्पताल लाया गया। हालत नाजुक होने पर उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसकी सांसें थम गईं।
देवरार के ग्राम प्रधान चिरौंजी लाल ने बताया कि गांव की आबादी लगभग दो हजार है। इस गांव में दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना से दो माह पूर्व ही बिजली आई है। आरती का घर गांव के रामानंद पुरवा में है। यह पुरवा गांव से लगभग 700 मीटर दूर है। यहां अभी विद्युतीकरण नहीं हुआ है। पुरवा में लगभग 30 घर हैं। सभी अंधेरे में हैं। चिराग की रोशनी में छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं।