कानपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं सोमवार से 123 केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में शुरू हुईं। पहले दिन हाईस्कूल में हिंदी और इंटरमीडिएट में सैन्य विज्ञान व हिंदी, सामान्य हिंदी की परीक्षा हुई। कई छात्राएं बुर्का पहनकर पहुंचीं तो उन्हें उसे उतारने के बाद ही केंद्र में जाने की अनुमति दी गईं।
इस दौरान साथ आए अभिभावकों ने कुछ नाराजगी जाहिर की, हालांकि सख्ती के चलते उनकी एक न चली। पहली पाली में हुई हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में 46,665 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 44,791 परीक्षा देने पहुंचे, वहीं 1874 अनुपस्थित रहे। इसी पाली में हुई इंटर सैन्य विज्ञान की परीक्षा में 109 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 105 ने परीक्षा दी, वहीं चार अनुपस्थित रहे।
दूसरी पाली में हुई इंटर हिंदी व सामान्य हिंदी की परीक्षा में 46,496 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 44,347 परीक्षा देने पहुंचे, वहीं 2149 अनुपस्थित रहे। किदवईनगर स्थित सुभाष स्मारक इंटर कॉलेज में दोपहर दो बजे से होने वाली दूसरी पाली की परीक्षा में 37 स्कूलों का केंद्र पड़ा था। इनमें से कई स्कूल मुस्लिम बहुल क्षेत्र में स्थित हैं।
मछरिया, बेकनगंज और चमनगंज से यहां परीक्षा देने आईं कई छात्राएं बुर्का पहने थीं। गेट पर मौजूद महिला निरीक्षकों ने छात्राओं से बुर्का उतारने के लिए कहा तो वह हिचकिचाईं। इस पर साथ आए अभिभावकों ने रिवाज का हवाला देते हुए सहूलियत देने की बात कही। निरीक्षकों ने इससे इन्कार कर दिया, कहा कि परीक्षा देनी है तो बुर्का हटाकर ही जाना होगा। इसके बाद छात्राओं ने बुर्का उतारा तो उनकी तलाशी लेकर परीक्षा कक्ष में जाने दिया गया।
दोनों पालियों में 4027 रहे अनुपस्थित
जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि सोमवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 93,270 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। इनमें से 4027 परीक्षा देने नहीं पहुंचे। 89,243 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। खास बात रही कि कहीं कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। सभी केंद्रों के हर कमरों, लॉबी को वायस रिकार्डर सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया था।
आसान पेपर देख खिले परीक्षार्थियों के चेहरे
बोर्ड परीक्षा के नाम से चेहरे पर जो तनाव दिखाई दे रहा था, वह पेपर मिलने के बाद बिल्कुल दूर हो गया। पेपर आसान रहा।
-नेहा खान
हिंदी प्रश्नपत्र के सभी प्रश्न काफी आसान रहे। सिर्फ एक प्रश्न का उत्तर लिखने में काफी देर लग गई। शुरूआत अच्छी हुई।
राधिका पाल
जितना बोर्ड परीक्षा के तनाव के बारे में सुनते थे, ऐसा तो कुछ भी नहीं लगा। हिंदी वैसे भी मुझे बहुत पसंद है, काफी नंबर आएंगे।
-इल्मा अंसारी