आरोपी के भाई पर भी शक
परिजनों ने बताया कि जानकारी हुई है कि वारदात के वक्त किशोर का भाई भी वहीं मौजूद था। आशंका है कि वह भी वारदात में शामिल रहा है। हालांकि परिजनों ने यह तथ्य तहरीर में नहीं लिखा। पुलिस का कहना है कि अगर परिजन बयानों में इस बारे में कहते हैं तो विवेचना के दौरान नाम जोड़ा जाएगा।
अभिभावकों को बच्चों की निगरानी करनी चाहिए। खासकर तब जब वह अकेले में मोबाइल चला रहे हों। उनसे बातचीत करनी चाहिए। यह पता लगाने का प्रयास करना चाहिए कि वह घंटों घंटों मोबाइल पर क्या देखते हैं और क्या करते हैं। वर्तमान में पोर्न वीडियो देखकर कम उम्र के बच्चों का माइंडसेट बदल रहा है। दुष्कर्म जैसी वारदात के पीछे ये माइंडसेट अहम है। - डॉ. नरेश चंद्र गंगवार, मंडलीय मनोवैज्ञानिक