अमर उजाला के अभियान के बाद गंगा किनारे ग्लू भट्ठी और चमड़ा छीलन के अवैध कारोबार पर रोक के डीएम के आदेश पर शनिवार को अफसरों ने दिन भर वाजिदपुर और आस-पास जेसीबी चलवाकर छीलन हटवाने की नौटंकी की। छीलन को यहां से उठाकर कहीं और ले जाने का मौका दे दिया गया।
ग्लू भट्ठी वालों को भी पहले संकेत कर दिया गया था इसलिए कुछ ने अपनी भट्ठी यहां से हटा तो लीं लेकिन कुछ किलोमीटर दूर जाकर प्योंदी गांव और आस-पास स्थापित कर लीं। कुछ भट्ठियां ऐसे पॉलिथीन से ढक दी गईं, जैसे कुछ दिन बाद फिर चलनी हों। और तो और धंधेबाजों ने अब रात में भट्ठियां सुलगाना चालू कर दिया है।
‘अमर उजाला फोटो जर्नलिस्ट ओपी वाधवानी’ ने इस कार्रवाई की पड़ताल की तो सच सामने आ गया। कुल मिलाकर धंधे पर लगाम लगती नहीं दिख रही। डीएम के निर्देश पर शनिवार को वाजिदपुर में जिला प्रशासन और पुलिस को गंगा किनारे फैली चमड़े की छीलन को हटाना था।
कमाल देखिए, जिस छीलन से ‘मौत का सामान’ बनाया जाता है उसे कहीं और नष्ट कराने के बजाए ग्लू फैक्ट्रियां चलाने वालों को ही बुला लिया गया। इस ‘परोपकार’ का कारण किसी को नहीं पता। अधिकारी कह रहे हैं कि वाजिदपुर से 50 प्रतिशत तक छीलन उठा ली गई है। कल तक का मौका है जिसे छीलन उठानी है उठा ले। वर्ना ‘नुकसान’ हो जाएगा। वहीं क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है।