बिरसिंहपुर गांव के पास रिंद नदी में बना पुल फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे गुजरने वाले भारी वाहनों के लिए हादसे की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पुल तकरीबन 38 वर्ष पुराना हो चुका है।
जिसके चलते वह आए दिन क्षतिग्रस्त होता रहता है। मालूम हो कि भीतरगांव-साढ़ मार्ग पर रिंद नदी में वर्ष 1977 के आसपास पुल का निर्माण करवाया गया था।
यह कसबा साढ़ और घाटमपुर को सीधा जोड़ने के साथ ही वाया साढ़ कसबा होकर सरसौल और रमईपुर जाने वाले यात्रियों के लिए भी सीधा मार्ग उपलब्ध कराता है।
बीते सात वर्षों के दौरान नदी में बना पुल चौथी बार क्षतिग्रस्त हुआ है। बिरसिंहपुर गांव के प्रधान वैभव अवस्थी ने बताया कि हर बार पुल के बीच में स्लोब उखड़ने के बाद सरिया का जाल दिखने लगता है।
इसके बाद उसकी गिट्टी और सीमेंट उखड़कर नदी में गिरती रहती है। धीरे-धीरे पुल की क्षत दूर तक जर्जर हो जाती है। लिखापढ़ी करने के बाद जर्जर छत की मरम्मत करवा दी जाती है।
बताया कि पिछले वर्ष भी इसी मौसम में पुल की छत तीन जगह जर्जर हो गई थी। पुल के दोनों ओर की रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
स्थानीय निवासियों अरुण तिवारी (बिरसिंहपुर), महेंद्र शर्मा (गौरा-ककरा), गुड्डू सिंह (बारीगांव), शंकरलाल(कोरथा) और गोविंद शुक्ला (साढ़) ने बताया कि भीतरगांव-साढ़ मार्ग मेें रिंद नदी और साढ़-सरसौल मार्ग पर पांडु नदी में बने पुल एक साथ बनवाए गए थे।
बताया कि समयावधि बीत जाने के बाद दोनों ही पुल जर्जर हो चुके हैं। लोक निर्माण खंड के जेई पुरुषोत्तम दुबे ने बताया कि पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है, जिसकी जांच करने के बाद मरम्मत करवाने की कार्रवाई की जाएगी।