कानपुर। बच्चे के पैदा होने के 48 घंटे बाद थायराइड, पीलिया, हियरिंग टेस्ट सहित सात जांचें जरूरी हैं। इससे समय रहते बच्चे की को आगे चलकर कोई परेशानी उठानी नहीं पड़ेगी। यह जानकारी आइसोपर्ब सोसाइटी की ओर से शुक्रवार को स्वरूपनगर स्थित होटल में आयोजित वैज्ञानिक संगोष्ठी में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप मट्टू ने दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरपर्सन डॉ. मीरा अग्निहोत्री, अध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा, डॉ. किरन पांडे, डॉ. विनीता ने किया। डॉ. रीना मग ने महिलाओं में विटामिन डी की कमी के नुकसान बताए। उन्होंने कहा कि हर स्टेज बाल्यावस्था से लेकर मीनोपॉज तक में महिलाओं में इसका असर देखने को मिलता है। यहां डॉ. किरन सिन्हा, डॉ. कल्पना, डॉ. अनीता गौतम, डॉ. रुचि जैन, डॉ. सनीता सिंह, डॉ. रश्मि यादव, डॉ. रेखा गुप्ता, डॉ. निधि सिंघवी, डॉ. कविता गुलाटी आदि मौजूद रहीं। संवाद