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औरैया: बाहर जनरल स्टोर का बोर्ड...अंदर क्लीनिक, झोलाछाप के इलाज से युवती की मौत, जानिए पूरा मामला

Tue, 19 Sep 2023 03:08 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

Auraiya Crime: सीएमओ डॉ. सुनील कुमार वर्मा का कहना है कि ड्रिप चढ़ाने की प्रक्रिया में बेहद सावधानी और मरीज की तात्कालिक स्वास्थ्य की समझ होनी जरूरी है। ड्रिप की रफ्तार कम या तेज होने पर मरीज की हालत बिगड़ जाती है। कई बार रफ्तार तेज होने पर दिल का दौरा पड़ने से मरीज की जान भी जा सकती है।
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ज्योति की फाइल फोटो और जांच करते नोडल अधिकारी डॉ. सिद्धार्थ वर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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औरैया जिले के सहार थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के उल्टी-दस्त से पीड़ित युवती को घरवाले झोलाछाप की क्लीनिक पर ले गए। झोलाछाप ने पीड़िता की नब्ज पकड़ी, ड्रिप चढ़ाई और कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं। मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य व पुलिस के अधिकारियों ने क्लीनिक सील कर झोलाछाप को हिरासत में लिया है।

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कार्रवाई से बचने के लिए झोलाछाप ने घर के बाहर जनरल स्टोर का बोर्ड लगा रखा है, जबकि अंदर एक बेड डालकर मरीजों की जान से खेल रहा है। सहार क्षेत्र के तिलकपुर निवासी सुनीता देवी ने पुलिस को बताया कि बेटी ज्योति (25) दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करती थी। कुछ दिन पहले ही वह घर आई थी।
सोमवार सुबह पांच बचे के करीब बेटी को उल्टी-दस्त आने शुरू हुए। वह बेटी को कस्बा पुर्वा जैन निवासी झोलाछाप सुभाष के यहां लेकर पहुंची। आरोप है कि झोलाछाप ने उसे ड्रिप लगा दी। इसके कुछ देर बाद बेटी का हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर झोलाछाप ने उसे दिबियापुर के निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

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परिजन शव लेकर सुभाष के घर पहुंचे और नाराजगी जताई
यहां ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर सुभाष के घर पहुंचे और नाराजगी जताई। हंगामे की जानकारी पर बेला, बिधूना, सहार थाने की पुलिस भी जा पहुंची। मौके पर एएसपी दिगंबर कुशवाहा, तहसील के नोडल अधिकारी डॉ. सिद्धार्थ वर्मा भी जा पहुंचे।

झोलाछाप को हिरासत में लेकर की जा रही है पूछताछ
डॉ. सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि विभाग की सूची में क्लीनिक का पंजीकरण नहीं पाया गया है। क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी कर पंजीकरण व डिग्री के संबंध में जवाब मांगा गया है। वहीं, एएसपी दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि झोलाछाप को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर के पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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ड्रिप की रफ्तार कम या तेज होने पर बिगड़ जाती है हालत
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार वर्मा का कहना है कि ड्रिप चढ़ाने की प्रक्रिया में बेहद सावधानी और मरीज की तात्कालिक स्वास्थ्य की समझ होनी जरूरी है। ड्रिप की रफ्तार कम या तेज होने पर मरीज की हालत बिगड़ जाती है। कई बार रफ्तार तेज होने पर दिल का दौरा पड़ने से मरीज की जान भी जा सकती है।
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