बारीकी से मकान के एक-एक हिस्से का निरीक्षण किया। टीम ने सबसे पहले विस्फोट के केंद्र बिंदु को तलाशना शुरू किया। जांच के दौरान मलबा हटाए जाने पर पांच किलो का छोटा सिलिंडर फटी स्थिति में मिला। मकान के निचले तल पर स्थित बाथरूम सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त होने के कारण विस्फोट का केंद्र बिंदु इसे ही माना गया। जांच में पता चला कि जो सिलिंडर फटा मिला वह बाथरूम में लगे गैस गीजर से जुड़ा था। कुछ दिन पहले गैस गीजर में लीकेज की समस्या हुई थी। इसे ठीक कराया गया था।
लीकेज फिर होने लगा। गीजर में लीकेज की वजह से गैस सबसे पहले बाथरूम में भरी। बाथरूम का दरवाजा बंद था, इससे गैस का भारी दबाव बन गया। सर्दी के कारण मकान के सभी दरवाजे और खिड़की बंद थीं। इससे गैस मकान के अन्य हिस्सों में भर गई। इसने दबाव बढ़ा दिया। इसी दौरान रिश्तेदारों के लिए चाय बनाने के लिए मंडी निरीक्षक की बहू सोनम ने तीली जलाई। इससे विस्फोट हो गया।
टीम ने मौके से कई नमूने लिए हैं। बीडीएस टीम के साथ आए डॉग डाली को मकान के अंदर घुमाया गया। जांच एजेंसियों को देखकर लोगों की भीड़ मकान के बाहर लगी रही। पुलिस ने जांच टीम के अलावा किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया। सीओ शिव कुमार थापा ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद सामने आया है कि विस्फोट गैस गीजर में रिसाव से हुआ है। मौके पर एक फटा छोटा सिलिंडर भी मिला है। जांच टीमें जल्द रिपोर्ट देंगी।
हादसे में घायल मंडी निरीक्षक की पत्नी ने भी दम तोड़
छिबरामऊ की आवास विकास कालोनी में रहने वाले मंडी निरीक्षक सुरेश चंद्र चौहान के घर में हुए धमाके के बाद गंभीर रूप से घायल उनकी पत्नी आरती, बेटा अंकुर, बेटी आकांक्षा उर्फ अट्टू, बहू सोनम, किरायेदार आशा पत्नी रामकुमार व इनकी बेटी आस्था को गंभीर हालत में लखनऊ के एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान रविवार रात को आस्था ने दम तोड़ दिया था।
देर रात मंडी निरीक्षक की पत्नी आरती वेंटीलेटर पर चली गईं। सोमवार सुबह आरती (45) ने भी दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर हालत में मंडी निरीक्षक के बेटे अंकुर, बेटी आकांक्षा उर्फ अट्टू व किरायेदार आशा को वेंटीलेटर पर रखा गया है। बहू सोनम की भी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल लोगों की सलामती के लिए नगर में दिन भर दुआएं होती रहीं।
हादसे को याद कर सहमे रहे मोहल्ले के लोग
छिबरामऊ की आवास विकास कालोनी में मंडी निरीक्षक के घर में हुए भीषण धमाके को याद कर मोहल्ले के लोग अभी भी सहम जाते हैं। इस घटना को देखने वाले लोगों की हादसे को याद कर रूह कांप जाती है। हादसे को एक दिन का समय बीत चुका है, मोहल्ले के लोगों में खौफ अभी भी भरा हुआ है।
मंडी निरीक्षक सुरेश चंद्र के घर के सामने लोक निर्माण विभाग में काम करने वाले अनिल प्रताप सिंह चौहान का घर है। रविवार दोपहर दो बजे के लगभग हादसे के समय अनिल चौहान की पत्नी संजूलता घर में पूजा कर रही थीं। बेटा अर्जित छत पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था। संजूलता ने बताया कि पूजा के दौरान उन्होंने भीषण धमाके को सुना तो वह समझीं कि उनके बेटे ने पटाखा चला दिया। वह उसे डांटने लगीं। तभी बेटे ने सामने हुए धमाके के बारे में बताया।
संजूलता मकान के बाहर आईं तो बाहर का नजारा देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। गंभीर रूप से घायल परिजन बाहर की तरफ भाग रहे थे। उन्होंने बताया कि इस हादसे की तस्वीरें अभी तक उनके जेहन में हैं। हादसे को याद कर उनकी रूह कांप जाती है। वहीं अर्जित ने बताया कि हादसे के समय वह छत पर पढ़ रहा था। जीने का दरवाजा फट गया। वह बुरी तरह से कांप गया। हादसे के बाद अभी तक मोहल्ले के लोग खौफजदा हैं।
पूर्व राज्यमंत्री व जनप्रतिनिधियों ने किया निरीक्षण
सोमवार को सूबे की पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय आवास विकास कालोनी पहुंचीं। उन्होंने धराशायी मकान का निरीक्षण कर रही बीडीएस टीम के अलावा कोतवाल शैलेंद्र कुमार मिश्रा से भी मामले की जानकारी ली। इसके बाद राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने मंडी निरीक्षक के पिता राजेंद्र सिंह से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्हें ढांढस बंधाया। पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने कहा कि ऐसे हादसे पर हम सभी नि:शब्द हो जाते हैं। भगवान से यही प्रार्थना है कि ईश्वर परिवार को दु:ख की घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करे। इससे पहले रविवार की देर शाम तिर्वा विधायक कैलाश सिंह राजपूत व चेयरमैन राजीव दुबे ने घटनास्थल पहुंचकर लोगों से मामले की जानकारी ली।