कानपुर। शहर में वर्ष 1995 से संचालित गर्ग एविएशन लिमिटेड के दो विमान हादसों ने उनकी साख पर बट्टा लगाने का काम किया है। गुरुवार को हुए हादसे में प्रशिक्षक और ट्रेनी पायलट की मौत से सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे युवक-युवतियों में दहशत है। उनके परिजन अब उन्हें वापस बुला रहे हैं।
कैंट स्थित गर्ग एविएशन के विमान बेड़े में 15-20 विमान हैं। इनके जरिये पॉयलट का प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां पर कई प्रशिक्षण कोर्स चलते हैं। काॅमर्शियल पॉयलट लाइसेंस और प्राइवेट पॉयलट लाइसेंस का प्रशिक्षण लेने वालों की संख्या अधिक है। यहां पर जो भी प्रशिक्षण ले रहे हैं वो अलग-अलग राज्यों और शहरों के हैं। दो महीनों में दो बड़े हादसों से उनमें डर का माहौल है।
सूत्रों ने बताया कि जिस विमान में दोबारा हादसा हुआ है उसका मेंटेनेंस करने वाले स्टाफ भी सवालों के घेरे में है। ये भी आशंका है कि विदेश से आयतित इन प्रशिक्षण विमानों के रखरखाव में कम गुणवत्तायुक्त उपकरणों या पुर्जों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। दरअसल, जिस कंपनी से विमान खरीदे जाते हैं किसी खराबी की स्थिति में उसी कंपनी से उपकरण या पुर्जे मंगाकर या कंपनी के प्रतिनिधि आकर विमान को ठीक करते हैं। टीमों ने एकेडमी जाकर विमान के मेंटेनेंस संबंधी दस्तावेज भी एकत्र किए हैं। स्टाफ के बयान दर्ज किए।