कानपुर। नेपाल में आए जल प्रलय में सैकड़ों लोगों की जान चली गई। इसमें कई भारतीय भी लापता हैं। मूलरूप से हरदोई के मल्लावां और वर्तमान में लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार में रहने वाले बरेली के जेलर आनंद सिंह भी अपने चार मित्रों के साथ कैलाश मानसरोवर के दर्शन करने गए थे। चाइना-तिब्बत के इमीग्रेशन ऑफिस के पास जिस जगह जल प्रलय आया वहां से एक दिन पहले ही वे काठमांडू पहुंचे थे।
हालांकि, नेटवर्क न होने उनका घर से संपर्क टूट गया था। आशंकित परिजन ने पुलिस और प्रशासन से संपर्क किया। शुक्रवार को उन्होंने सकुशल वापस लौटने की बात बताई। आनंद की पत्नी प्रतिमा और बेटा सिद्धार्थ अफीम कोठी में रहते हैं। प्रतिमा ज्वाला देवी स्कूल में शिक्षिका हैं। आनंद सिंह कानपुर जेल में 2001-2006 तक डिप्टी जेलर रहे हैं। ग्रेजुएशन भी शहर से किया है। परिजन आनंद की सकुशल वापसी के लिए ईश्वर का शुक्र अदा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम वह काठमांडू पहुंचे थे। सुबह चाइना-तिब्बत बॉर्डर पर स्थित इमीग्रेेशन सेंटर के पास भारी जल प्रलय आने की सूचना मिली। फिलहाल आनंद लखनऊ में अपने घर पर हैं।