जाम से निजात के लिए आवास एवं विकास परिषद ने बगिया क्रासिंग (क्रासिंग नंबर-12) पर जरीब चौकी क्रासिंग की तरह एक और बैरियर लगाने का प्रस्ताव पूर्वोत्तर रेलवे को भेजा है। काम में आने वाले खर्च का भुगतान करने के लिए भी परिषद तैयार है।
कल्याणपुर थाने के पास जीटी रोड पर बगिया क्रासिंग है। बगल में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद का दफ्तर है। यहां से कल्याणपुर रेलवे स्टेशन कुछ दूर है। परिषद ने यहां केशवपुरम और अंबेडकरपुरम नाम से दो आवासीय योजनाएं विकसित की हैं। वर्तमान में यहां करीब ढाई लाख लोग रहते हैं।
केशवपुरम और अंबेडकरपुरम को जीटी रोड से जोड़ने के लिए 30 मीटर चौड़ी दो लेन का निर्माण कराया गया है। बगिया क्रासिंग जीटी रोड से सटी हुई है। ट्रेनों के आवागमन के समय इसके बंद होने पर दोनों ओर जाम लग जाता है। इससे जीटी रोड का ट्रैफिक भी अवरुद्ध होता है।
क्रासिंग खुलने के बाद यातायात व्यवस्था सुचारु होने में काफी समय लग जाता है। इससे निजात के लिए परिषद ने प्रस्ताव तैयार किया है।
रेलवे अफसरों को भेजे प्रस्ताव में कहा गया है कि बगिया क्रासिंग पर 30 मीटर चौड़ी सड़क के दूसरी लेन पर भी क्रासिंग का विस्तार कराकर एक और गेट लगा दिया जाए तो दोनों मार्गों पर आने-जाने वाले वाहनों की दिशा तय हो सकेगी। इससे पब्लिक को जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी।
जाम की एक वजह यह भी
कल्याणपुर इलाके में सीएसजेएम यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, आईआईटी जैसे संस्थान हैं। वहीं कई इंग्लिश मीडियम स्कूल भी है। इस वजह से सुबह सात से नौ बजे, दोपहर से एक से तीन बजे और शाम को सात से नौ बजे तक इस रोड पर लोड ज्यादा रहता है। ऐसे में जल्दबाजी के चक्कर में यहां जाम की स्थिति ज्यादा ही विकराल हो जाती है।
हर राेज गुजरती हैं 30 ट्रेनें
अनवरगंज-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन पर स्थित बगिया क्रासिंग से प्रतिदिन 30 ट्रेनें गुजरती हैं। इसकी वजह से जाम की स्थिति बनी रहती है।
लाखों लोग रह रहे
क्रासिंग के पास उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद का दफ्तर करीब 35 साल पहले बना था। इसके बाद परिषद ने केशवपुरम-अंबेडकरपुरम आवास योजना के तहत विकसित की। अब यहां लाखों लोग रह रहे हैं।