ताजिया के सामने सजा बप्पा का पंडाल
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यूपी के कानपुर शहर स्थित रावतपुर गांव के एकता चौराहे के आसपास गणपति बप्पा का पंडाल और हजरत फुलवारी शाह रहमतुल्लाह अलैह के आस्ताने के सामने इमाम चौक पर रखा ताजिया सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल है। दोनों समुदाय के लोग यहां दोनों पर्व मिलकर मना रहे हैं। जैसे ही गणपति बप्पा की आरती शुरू हुई इमाम चौक के पास रखे लाउडस्पीकर पर बज रहा मर्सिया बंद हो गया। जब जागरण खत्म हुआ तो नोहाख्वानी शुरू हो गई। इतना ही नहीं, शुक्रवार को हिंदू ताजिया के जुलूस में शामिल होंगे और 23 सितंबर को मुस्लिम समुदाय के लोग गणपति बप्पा की मूर्ति के विसर्जन में मौजूद रहेंगे।
एकता चौराहे से दाहिनी तरफ मुड़ते ही आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द्र का नजारा नजरों के सामने आ जाता है। दोनों तरफ खंभे गाड़कर सजावट के लिए तार लगाए गए हैं। इन पर छोटी हरी, भगवा और पीली रंग की झंडियां लगी हैं। इसके साथ ही आयोजन स्थल के नजदीक बड़े-बड़े झंडे लगे हैं। गणपति बप्पा पंडाल की आयोजन समिति के सदस्य शिव नारायण तिवारी, विनोद तिवारी और अंजुमन तहफ्फुज कब्रिस्तान कमेटी के अध्यक्ष सरफराज खां, डॉ. निसार सिद्दीकी, मोहम्मद कैफ का कहना है कि यह सौभाग्य की बात है कि इस बार दोनों त्योहार साथ-साथ पड़े हैं।
मिल-जुलकर पर्व मनाने का मौका मिल गया है। आयोजकों का कहना है कि इस तरह मिलकर पर्व मनाकर सौहार्द्र का संदेश देना चाहते हैं। कई दिनों से दोनों पर्वों के आयोजन साथ-साथ हो रहे हैं, लेकिन यहां पर कभी ऐसी नौबत नहीं आई कि पुलिस को बुलाना पड़े। आयोजन के पहले ही दोनों पक्षों ने बैठ करके सारे कार्यक्रम कैसे-कैसे होंगे, आदि मसले तय कर लिए थे।