दहेज के लिए गर्भवती को जलाकर हत्या करने के मामले में फर्रुखाबाद जिला जज अरुण कुमार मिश्र ने पति, सास, ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव शेखपुर रुस्तमपुर निवासी रामादेवी ने पुत्री निशा की 29 अप्रैल 2015 को मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव नगला खैरबंद निवासी रामपाल के साथ शादी की थी। ससुराल वाले दहेज में बाइक और सोने की चेन के लिए प्रताड़ित करते थे। वर्ष 2016 में निशा गर्भवती हो गई। ससुराल वालों ने 2 मार्च 2016 को मारपीट कर केरोसिन डाल कर आग लगा दी। मायके वालों ने निशा को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डाक्टर ने सैफई रेफर कर दिया था।
वहां उपचार के दौरान 9 मार्च 2016 को निशा की मौत हो गई। निशा की मां रामादेवी ने पति रामपाल, ससुर सोनेलाल और सास सुशीला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की विवेचना के दौरान बचाव पक्ष के वकील और जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह चौहान ने दलीलें पेश की। जिला जज ने आरोपी पति, सास, ससुर को दहेज हत्या में दोषी पाकर उम्रकैद की सजा सुनाई और जुर्माना लगाया।