प्रकरण में ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने एडीसीपी को जांच सौंपी थी। जांच के दौरान कचहरी व जेल से इस संबंध में कुछ दस्तावेज जुटाए जा चुके हैं और कुछ अभी बाकी हैं। इसलिए जांच अभी अधूरी है। ज्वाइंट सीपी ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता देखते हुए जांच कराई जा रही है। साजिश की पुष्टि हुई तो तत्काल केस दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
ये था प्रकरण
बिना तारीख तलबी वारंट पर कचहरी आए पप्पू स्मार्ट व उसके गुर्गों पर शिकंजा कसना तय है। पिंटू सेंगर के भाई धर्मेंद्र सेंगर ने मामले में बुधवार को पुलिस कमिश्नर को तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। तहरीर में दावा किया कि इस तरह से शातिर बदमाशों का कचहरी में लाया जाना बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए।
ज्वाइंट सीपी का कहना है कि कोर्ट से भी दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। तहरीर में लगाए गए आरोपों की भी छानबीन की जाएगी। जांच के बाद एफआईआर दर्ज करने का फैसला लिया जाएगा। शुरुआती जांच में मामला गंभीर लग रहा है।
पुराने केस की जांच ठप पड़ी
करीब छह महीने पहले कोतवाली में एक केस दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप था कि पप्पू स्मार्ट पेशी पर जब आया था तो उसने मुख्तारनामा पर हस्ताक्षर किए थे। पुलिस ने जांच के बाद केस दर्ज किया था। दरोगा शिव सिंह के पास मामले की जांच है लेकिन अब तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पिंटू सेंगर के पक्ष का आरोप है कि मामले में जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिकायत के बाद अब इस मामले की भी जांच तेजी से शुरू की जाएगी। वहीं एक अहम और जानकारी मिली है। पता चला है कि शिव सिंह पिछले छह वर्षों से एक चौकी में जमा हुआ है।