प्रधानमंत्री की रैली में हिंसा की साजिश रचने वाले 8 आरोपियों पर पुलिस ने मंगलवार को गैंगस्टर की कार्रवाई की है। सपा छात्रसभा का क्षेत्रीय मंत्री (अब निष्काषित) सचिन केसरवानी को गैंग का लीडर बनाया है। सचिन ही पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता है।
सोमवार को ही कोर्ट ने आरोपियों की जमानत मंजूर कर दी थी। मंगलवार को आरोपी रिहा होने वाले थे। रिहाई के आदेश से कुछ देर पहले ही पुलिस ने चार्जशीट लगाकर आरोपियों पर गैंगस्टर लगा दिया। फिलहाल आरोपी जेल में ही रहेंगे।
28 दिसंबर को सपा नेताओं ने अपनी ही कार में भाजपा का झंडा व पोस्टर लगाकर उसमें तोड़फोड़ की थी। दर्शाने का प्रयास किया था कि भाजपा नेता की गाड़ी में सपाइयों ने तोड़फोड़ की। जिससे दोनों के बीच बवाल हो जाए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
सपा ने पांच नेताओं को पार्टी से निलंबित कर दिया था। सोमवार को जमानत मिलते ही पुलिस ने चार्जशीट के साथ गैंगस्टर की फाइल तैयार की। मंगलवार को कोर्ट में पहले चार्जशीट दाखिल की और फिर गैंगस्टर की कार्रवाई की। तत्काल कोर्ट और जेल में इस संबंध में दस्तावेज तामील कराए। इस तरह से रिहाई से पहले हुई कार्रवाई की वजह से आरोपी जेल में ही रहेंगे।