कानपुर में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के इंटरनेशनल गेस्ट हाउस में मंगलवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय ‘एनवायरमेंटल इश्यू ऑफ गंगा रिवर’ था। मुख्य वक्ता गंगा टास्क फोर्स के कमांडिंग अफसर कर्नल एसपीएस संधु ने गंगा के प्रदूषण के लिए कनपुरियों को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि गंगा को लोग मां मानते हुए भी प्रदूषित कर रहे हैं। सबसे ज्यादा कानपुर में ऐसा हो रहा है। लोग दीपक जलाकर गंगा में प्रवाहित करते हैं। मूर्तियों का विसर्जन करते हैं। यहां टेनरी, इंडस्ट्री का सारा गंदा पानी गंगा में ही छोड़ा जाता है। गंगा किनारे पॉलिथीन व चाय-कॉफी पीकर फेंके गए गिलास भी प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। सेना गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हम लोगों ने सेना में ‘मुश्किल वक्त, कमांडो सख्त’ का नारा दिया है।
इसके लिए पौधरोपण अभियान भी चलाया जा रहा है। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि गंगा को प्रदूषित करने में हम सभी का बराबर का योगदान है। इसमें आस्था के कई कारण भी जिम्मेदार हैं। प्रो. नंदलाल ने कहा कि गंगा को सबसे अधिक दूषित केमिकल कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वर्षा गुप्ता ने किया। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह, डॉ. राजेश कुमार, प्रो. आरसी कटियार, प्रो. संजय स्वर्णकार, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. नीरज कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।