रोक के बाद भी कोई गंगा में नहाया, तो गिरफ्तारी
एसीपी ने बताया कि गंगा में नहाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। रोक के बाद भी अगर कोई बैराज या अन्य जगह नहाते देखा गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नए कानून के मुताबिक अगर कोई पुलिस की बात नहीं मानता है तो उसे 24 घंटे तक पुलिस हिरासत में बैठाया जा सकता है। इसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, गंगा किनारे सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और गोताखोरों को भी घाटों पर निगाह रखने को कहा गया है। फिलहाल लोग गंगा में नहाने न जा जाएं, न ही बच्चों को नदी के पास जाने दें। -अखिल कुमार, पुलिस कमिश्नर
1.65 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया, दो दिन में पहुंच सकता है कानपुर
गंगा के दूसरे दिन भी चेतावनी बिंदु के पार रहने और ब्रह्मा खूंटी डूबने से सबसे ज्यादा परेशानी चैनपुरवा के लोगों को है। यह गांव गंगा के सबसे नजदीक है। हालांकि अन्य गांवों में भी खतरा है। शनिवार को नरोरा बांध, हरिद्वार के अलावा काली, रीबाला नदी से 1.65 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। यह दो से ढाई दिन में कानपुर पहुंच जाएगा। इसके बाद जलस्तर और बढ़ सकता है।
बैराज के सभी 30 गेट खोले गए
अभी जलस्तर खतरे के निशान से 61 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर इसके ऊपर न जाए, इसके लिए बैराज के सभी 30 गेट खोल दिए गए हैं। इससे बैराज से डाउन स्ट्रीम (जाजमऊ की तरफ) गंगा का जलस्तर बढ़कर 112.910 मीटर हो गया। अप और डाउन स्ट्रीम के जलस्तर में 24 घंटे में एक सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है।
इन गांवों को ज्यादा खतरा
चैनपुरवा, धारमखेड़ा, डिवनीपुरवा, सुुखनीपुरवा, नत्थापुरवा आदि।