फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: विशाल और आशीष का हत्यारा कौन?, आरोपी का नहीं अता-पता, पुलिस की जांच ठंडे बस्ते में, जानें पूरा मामला

Fri, 01 Dec 2023 06:42 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Crime: एडीसीपी सेंट्रल आरती सिंह का कहना है कि मृतक के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उन्होंने रुपये न मिलने की बात कही है। जबकि बिचौलिये और कार सवार किशोरों के बयान दर्ज होने बाकी हैं। शुक्रवार को इनका भी बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Ganga Barrage Accident - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में गंगा बैराज पर 28 अक्तूबर को कार से कुचलकर हुई किशोरों विशाल और आशीष की मौत के मामले का अभी तक जिम्मेदार तय नहीं हो सका है। एक माह से अधिक समय हो जाने के बाद भी जांच में जुटे अधिकारी न तो कार चालक का पता लगा सके और न पीड़ितों को रुपये देने वालों का।

विज्ञापन


हालांकि एडिशनल डीसीपी सेंट्रल का दावा है कि मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। रुपये का बंदरबांट करने वाले बिचौलिये और कार में बैठे किशोरों का बयान दर्ज होना बाकी है। जल्द ही रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। इसके बाद कार्रवाई होगी।

गंगा बैराज पर रामपुर निवासी मेवालाल के बेटे विशाल और उन्नाव गंगाघाट कनिकामऊ निवासी शिवचरन रावत के बेटे आशीष की कार की टक्कर से मौत हो गई थी। नवाबगंज पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्जकर कार सवार चार किशोरों को थाने से जमानत पर छोड़ दिया था।

विज्ञापन

बयानों के आधार पर ही दी गई थी जमानत
तत्कालीन थानाप्रभारी नवाबगंज रोहित तिवारी का दावा था कि मृतक सागर के भाई ने बयान दिए थे कि कार में चार नहीं पांच लोग थे। कार एक युवक चला रहा था। उसके बयानों के आधार पर ही डॉक्टर के बेटे व उसके तीन अन्य दोस्तों को थाने से जमानत दे दी गई थी।

डॉक्टर ने लाखों रुपये एक बिचौलिए के जरिये बांटे थे
अमर उजाला की पड़ताल में पता चला था कि घटना को ठंडे बस्ते में डालने के लिए डॉक्टर ने लाखों रुपये एक बिचौलिए के जरिये बांटे थे। इसके बाद पुलिस ने मृतक परिवार के परिजनों से बयान बदलवाकर आरोपी किशाेरों छोड़ दिया था।

दोनों अधिकारी अभी तक जांच पूरी नहीं कर सके
मामला संज्ञान में आने के बाद डीसीपी ने हादसे की जांच एसीपी कर्नलगंज मोहम्मद अकमल खान और पुलिस की भूमिका और रुपये की लेनदेने की जांच एडिशनल डीसीपी सेंट्रल आरती सिंह को दी थी। घटना के एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दोनों अधिकारी अभी तक जांच पूरी नहीं कर सके।

परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं
एडीसीपी सेंट्रल आरती सिंह का कहना है कि मृतक के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उन्होंने रुपये न मिलने की बात कही है। जबकि बिचौलिये और कार सवार किशोरों के बयान दर्ज होने बाकी हैं। शुक्रवार को इनका भी बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

एक परिवार ने किया है पैसे मिलने से इन्कार
बता दें प्रकरण में 15 लाख रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ था। अमर उजाला की पड़ताल में सागर के भाई ने एक भी रुपये मिलने से इन्कार किया था। आशीष के भाई राजकुमार ने 1.90 लाख रुपये मिलने की बात कही थी। अमर उजाला के पास इनकी बातचीत के साक्ष्य हैं। ऐसे में साफ था कि बाकी रुपये बिचौलिये खा गए। वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर भी आरोपी पक्ष से रुपये वसूलने का प्रयास किया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें